यह ख़बर 03 मई, 2011 को प्रकाशित हुई थी

'मुद्रास्फीति को काबू करने में विफल रही नीति'

खास बातें

  • रिजर्व बैंक ने स्वीकार किया कि मुद्रास्फीति को काबू में लाने के लिए उसने जो कदम उठाए, उसका अबतक वांछित नतीजा नहीं निकला।
मुंबई:

रिजर्व बैंक ने स्वीकार किया कि मुद्रास्फीति को काबू में लाने के लिए उसने जो कदम उठाए, उसका अबतक वांछित नतीजा नहीं निकला। हालांकि केंद्रीय बैंक ने उम्मीद व्यक्त की कि उसके पुरजोर नीतिगत रुख से कीमत नियंत्रण में मदद मिलेगी। मौद्रिक नीति की घोषणा के बाद परंपरागत प्रेस से बातचीत में रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव ने एक सवाल के जवाब में कहा, आपका रिजर्व बैंक के मुद्रास्फीति अनुमान तथा इसे नियंत्रित करने की योग्यता पर सवाल उठाना सही है। उनसे पूछा गया था कि क्या वह चालू वित्त वर्ष में 6 प्रतिशत मुद्रास्फीति के लक्ष्य को लेकर आश्वस्त हैं। हालांकि उन्होंने तुंरत कहा, उम्मीद करते हैं कि हम मुद्रास्फीति नियंत्रण तथा ज्यादा सटीक भविष्यवाणी को लेकर अपनी विश्वसनीयता फिर हासिल कर लेंगे। डिप्टी गवर्नर सुबीर गोकर्ण ने भी कहा, हम स्पष्ट रूप से यह स्वीकार करते हैं कि मुद्रास्फीति नियंत्रित करने के लिए लगातार नीतिगत दरों में वृद्धि की गई लेकिन उसका वांछित नतीजा नहीं निकला। बहरहाल, उन्होंने उम्मीद जताई कि अभी के मौद्रिक उपायों से मुद्रास्फीति काबू में आ जाएगी।


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