यह ख़बर 11 जून, 2012 को प्रकाशित हुई थी

एसएंडपी की चेतावनी, निवेश ग्रेड रेटिंग गंवा सकता है भारत

खास बातें

  • रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पूअर्स (एसएंडपी) ने आगाह किया है कि भारत ब्रिक देशों में निवेश ग्रेड रेटिंग गंवाने वाला पहला राष्ट्र बन सकता है।
मुंबई:

रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पूअर्स (एसएंडपी) ने आगाह किया है कि भारत ब्रिक देशों में निवेश ग्रेड रेटिंग गंवाने वाला पहला राष्ट्र बन सकता है। एसएंडपी ने अप्रैल में देश की सार्वभौमिक ऋण संबंधी साख के परिदृश्य को स्थिर से नकारात्मक कर दिया था।

एसएंडपी की जारी एक रिपोर्ट में सवाल उठाया गया है, ‘क्या भारत ब्रिक समूह का प्रतिष्ठा खोने वाला पहला सदस्य होगा।’

एसएंडपी के ऋण विश्लेषक जायदीप मुखर्जी ने रिपोर्ट में कहा है, ‘भारत की उदार अर्थव्यवस्था के रास्ते में किसी तरह की अड़चन दीर्घावधि में उसकी वृद्धि की संभावनाओं को प्रभावित करेगी। साथ ही इससे उसकी ऋण की गुणवत्ता भी प्रभावित होगी।’

एसएंडपी ने लगातार चार साल तक नौ प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर के बाद भारत की रेटिंग को जनवरी, 2007 में बढ़ाकर बीबीबी की थी जो निवेश ग्रेड की रेटिंग मानी जाती है। इसका अर्थ है कि भारत सरकार के ऋण पत्रों में निवेश सुरक्षित है।

एसएंडपी ने ब्राजील, रूस, भारत और चीन की उच्च वृद्धि वाली अर्थव्यवस्थाओं का उल्लेख किया है। एसएंडपी ने कहा है कि ब्रिक के अन्य तीन देशों की रेटिंग ज्यादा ऊंची और परिदृश्य भारत की तुलना में बेहतर है।

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मार्च, 2012 में समाप्त तिमाही में देश की वृद्धि दर घटकर नौ साल के निचले स्तर 5.3 प्रतिशत पर आ गई। वहीं पूरे वित्त वर्ष के लिए वृद्धि दर घटकर 6.5 प्रतिशत रह गई।