यह ख़बर 20 जुलाई, 2011 को प्रकाशित हुई थी

2जी मामला : राजा, बेहुरा की याचिका खारिज

खास बातें

  • राजा ने याचिका में आरोप तय करने के लिए बहस शुरू करने में विलम्ब का अनुरोध किया था। पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा की भी इसी तरह की याचिका थी।
New Delhi:

2जी मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने बुधवार को आरोपी और पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा की एक याचिका खारिज कर दी। राजा ने याचिका में आरोप तय करने के लिए बहस शुरू करने में विलम्ब करने का अनुरोध किया था। अदालत ने एक अन्य आरोपी पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा की भी इसी तरह की एक याचिका खारिज कर दी। दोनों ने विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी की अदालत में 21 जुलाई से मामले की सुनवाई शुरू करने की घोषित तिथि पर आपत्ति जताई थी। दोनों ने अदालत से मामले में तीसरा आरोप पत्र दाखिल होने तक सुनवाई शुरू नहीं करने का अनुरोध किया था। याचिका को खारिज करते हुए न्यायमूर्ति सैनी ने कहा, न तो आरोपी और न ही अदालत पुलिस (सीबीआई) से जांच समाप्त करने के लिए कह सकती है। क्योंकि यह उनका कर्तव्य और अधिकार है। अदालत ने कहा कि आरोपी का सिर्फ यह अधिकार है कि उसे सभी दस्तावेजों की प्रति दी जाए और उसे सुना जाए। राजा के वकील ने कहा कि सीबीआई ने राजा और अन्य आरोपियों से 18 जुलाई को पटियाला हाउस परिसर में पूछताछ की थी। इससे पता चलता है कि मामले की जांच अभी भी जारी है। राजा के वकील रमेश गुप्ता ने कहा कि यदि जांच पूरी हो गई थी, तो किस आधार पर अदालत ने सीबीआई को राजा से पूछताछ करने की अनुमति दी? उन्होंने कहा कि आरोप तय किए जाने से सम्बंधित अदालती कार्यवाही शुरू किए जाने से पहले अभियोजन पक्ष को अदालत में स्पष्ट कहना चाहिए कि जांच पूरी हो चुकी है। इस पर अदालत ने कहा, इस मामले में यह बयान दिया जा चुका है कि आरोप पत्र में लगाए गए आरोपों की जांच पूरी हो चुकी है। अदालत ने कहा कि इसके अलावा अन्य मामलों की जांच किए जाने से आरोपी किसी भी प्रकार से प्रभावित नहीं होंगे। अदालत ने कहा कि सीबीआई के आरोप पत्र के साथ बड़ी संख्या में दस्तावेज दाखिल किए गए थे और उन सभी की प्रतियां सभी आरोपियों को उपलब्ध कराई गई हैं और यह प्रक्रिया 19 जुलाई को ही पूरी हो चुकी है। अदालत ने कहा कि दोनों आवेदनों का कोई आधार नहीं है और इसलिए इन्हें खारिज किया जाता है। बेहुरा के वकील अमन लेखी ने भी कहा था कि सीबीआई द्वारा तीसरे आरोप पत्र दाखिल किए जाने के बाद ही आरोप तय करने के लिए सुनवाई की जानी चाहिए।


Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com