नई दिल्ली:
रेलवे अपने चेन्नई कारखाने में ऐसे रेल कोच बनाने की तैयारी कर रही है जो 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने की क्षमता रखेंगे।
नरेंद्र मोदी सरकार की 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत यह कदम उठाया जा रहा है। रेल बजट 2015-16 में इंटर सिटी सेवाओं में यात्रा को अधिक आरामदायक बनाने के लिए एसी कोच लगाने का प्रस्ताव किया जा सकता है।
इस साल के रेल बजट प्रस्तावों के अनुसार रेलवे अपने चेन्नई के कोच कारखाने में 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने में सक्षम 20 कोचों का प्रोटोटाइप रैक बनाएगी।
फिलहाल रेलवे द्वारा विनिर्मित कोच अधिकतम 160 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ सकते हैं। देश में ही 200 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ने वाले कोच बनाने के अलावा रेल मंत्रालय सरकार की 'मेक इन इंडिया' पहल को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगा।
रेलवे के सूत्रों का कहना है कि इंजनों के कई कलपुर्जों मसलन क्रैंक शॉफ्ट, अल्टरनेटर और फोर्ज्ड व्हील का भी देश में ही विनिर्माण का प्रस्ताव है। अपने पहले रेल बजट में रेल मंत्री सुरेश प्रभु इस सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी परिवहन सेवा प्रदाता की वित्तीय सेहत सुधारने पर जोर देंगे।
इसके अलावा यात्री सेवाओं में सुधार पर भी उनका जोर रहेगा। इसके अलावा नेत्रहीन यात्रियों के लिए सभी नए कोचों में ब्रेल साइनेज का प्रस्ताव भी रेल बजट में किया जा सकता है।