खास बातें
- ऋण संकट को फैलने से रोकने के लिए यूरोप ने आखिरकार राहत पैकेज की आखिरी बाधा आज दूर करते हुए इसे मंजूरी दे दी।
ब्रसेल्स: ऋण संकट को फैलने से रोकने के लिए यूरोप ने आखिरकार राहत पैकेज की आखिरी बाधा आज दूर करते हुए इसे मंजूरी दे दी। इसके तहत यूनान के लिए नया कोष उपलब्ध कराने का वादा और बैंकों को नुकसान का दर्द बांटने को कहा गया है। कई दिनों तक वार्ता करने और दो शिखर बैठकों के बाद यूरोपीय संघ के अध्यक्ष हर्मन वैन रोमपुई ने कहा, हमने महत्वपूर्ण निर्णय कर लिया है। रोमपुई की इस घोषणा के साथ ही एशियाई शेयर बाजारों में तेजी दर्ज की गई। जहां तोक्यो का सूचकांक 1.15 प्रतिशत उछल गया, वहीं हांगकांग के सूचकांक में 1.74 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। डालर के मुकाबले यूरो मुद्रा भी 1.39 प्रतिशत उछल गई। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रमुख क्रिस्टीन लेगार्ड ने यूरोपीय संघ के निर्णय को महत्वपूर्ण प्रगति करार देते हुए इसका स्वागत किया। हालांकि, यूरोपीय केन्द्रीय बैंक के प्रमुख जीन.क्लाड त्रिचेट ने आगाह किया कि इसके लिए काफी काम करने की जरूरत होगी और वह भी तेजी के साथ। इस पैकेज के रास्ते आखिरी और सबसे बड़ी बाधा यूरोजोन के नेताओं और इंस्टीट्यूट आफ इंटरनेशनल फाइनेंस की बैंकिंग लाबी के बीच करार थी जिसके तहत निजी निवेशक यूनान के ऋण पर 50 प्रतिशत नुकसान वहन करने को बाध्य होंगे। पिछले कुछ हफ्तों में बैंक 40 प्रतिशत तक नुकसान उठाने को तैयार हुए, लेकिन यूरोपीय संघ की सरकारें 50 प्रतिशत नुकसान वहन करने का दबाव बनाने पर अड़ी रहीं। इस पैकेज का लक्ष्य यूनान पर 350 अरब यूरो के ऋण में 100 अरब यूरो की कटौती करना है।