यह ख़बर 24 सितंबर, 2013 को प्रकाशित हुई थी

प्रस्तावित एयरलाइन भारतीय नियंत्रण में रहेगी : टाटा, सिंगापुर एयरलाइंस

खास बातें

  • टाटा एसआईए एयरलाइंस लिमिटेड नाम से प्रस्तावित नए उद्यम में टाटा संस 51 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ बहुलांश हिस्सेदार होगी, जबकि सिंगापुर एयरलाइंस के पास 49 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। सिंगापुर एयरलाइंस का निवेश 4.9 करोड़ डॉलर का होगा।
नई दिल्ली:

टाटा समूह और सिंगापुर एयरलाइंस ने सरकार को मंगलवार को आश्वस्त किया कि प्रस्तावित विमानन उद्यम का नियंत्रण हमेशा भारतीय हाथों में रहेगा।

टाटा एसआईए एयरलाइंस लिमिटेड नाम से प्रस्तावित नए उद्यम में टाटा संस 51 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ बहुलांश हिस्सेदार होगी, जबकि सिंगापुर एयरलाइंस के पास 49 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। सिंगापुर एयरलाइंस का निवेश 4.9 करोड़ डॉलर का होगा।

दोनों साझीदारों ने एफडीआई के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) से मंजूरी मांगी है। प्रस्तावित उद्यम को डीजीएफटी, डीजीसीए और सीबीईसी जैसी अन्य एजेंसियों से भी मंजूरी की दरकार होगी। इसके अलावा, उसे अन्य मंत्रालयों व राज्य सरकार के विभागों से अनुमति लेनी होगी।

सूत्रों के मुताबिक, एफआईपीबी को सूचित किया गया है कि नयी कंपनी में अंतत: छह बोर्ड सदस्य होंगे जिसमें चार सदस्य टाटा संस द्वारा नामित होंगे। दोनों साझीदारों द्वारा अभी तक की गई घोषणा के मुताबिक, बोर्ड में तीन नामित सदस्य होंगे जिसमें दो टाटा संस की ओर से होंगे।

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दोनों कंपनियों ने एक नई विमानन कंपनी शुरू करने की घोषणा पिछले सप्ताह ही की है।