यह ख़बर 02 जुलाई, 2011 को प्रकाशित हुई थी

आठ शहरों में जनवरी-मार्च में मकान के दाम 15% गिरे

खास बातें

  • सर्वाधिक गिरावट कोच्चि में आई है, जहां जनवरी से मार्च की अवधि में पिछली तिमाही के मुकाबले कीमतों में 14.92 प्रतिशत की गिरावट आई है।
New Delhi:

नेशनल हाउसिंग बैंक (एनएचबी) के ताजा आंकड़ों के अनुसार प्रॉपर्टी की मांग सुस्त पड़ने के कारण इस वर्ष जनवरी से मार्च की अवधि में आठ प्रमुख शहरों में आवासों की कीमत करीब 15 प्रतिशत तक गिरी है। हालांकि दिल्ली सहित छह शहरों में इसकी कीमतों में वृद्धि हुई है, जबकि पटना में कीमतें अपरिवर्तित रही हैं। आंकड़ों के अनुसार सर्वाधिक गिरावट कोच्चि में आई है, जहां जनवरी से मार्च, 2011 की अवधि में अपनी पिछली तिमाही के मुकाबले कीमतों में 14.92 प्रतिशत की गिरावट आई है। बेंगलुरु में कीमतों में 12.87 प्रतिशत, उसके बाद फरीदाबाद में कीमतों में 6.37 प्रतिशत, हैदराबाद में 4.6 प्रतिशत, सूरत में 3.76 प्रतिशत, भोपाल में 3.55 प्रतिशत और जयपुर में 2.63 प्रतिशत की गिरावट आई है। कोलकाता में बेहद मामूली गिरावट देखने को मिली है। दूसरी ओर पुणे में आवासों की कीमत में 5.02 प्रतिशत, लखनऊ में 3.09 प्रतिशत और दिल्ली में कीमतों में 2.64 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जबकि अहमदाबाद, चेन्नई और मुंबई में कीमतों में मामूली तेजी देखने को मिली है। आवास वित्त कंपनियों का नियमन करने वाला एनबीएच 15 चुनिंदा शहरों में आवासों की कीमतों पर निगाह रखती है। यह वर्ष 2008 से हाउसिंग प्राइस इंडेक्स (एनएचबी रेसीडेक्स) को जारी करती है। एनएचबी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक आवी वर्मा ने संवाददाताओं से कहा कि एनएचबी रेसीडेक्स के दायरे में आने वाले 15 शहरों के आवासीय प्रॉपर्टी की कीमतों के उतार-चढ़ाव में जनवरी मार्च, 2011 की अवधि में मिश्रित रुख दिखा है। वर्मा ने कुछ शहरों में आवासों की कीमत में गिरावट का श्रेय प्रॉपर्टी की अधिक कीमतों और बढ़ते ब्याज दर के कारण आवासीय मांग में आई कमी को बताया है। भारतीय रिजर्व बैंक ने मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए मार्च, 2010 के बाद से रेपो और रिवर्स रेपो की दरों में 10 बार वृद्धि की है। आंकड़ों के अनुसार जनवरी से मार्च, 2011 की अवधि के दौरान सभी 15 शहरों में वर्ष 2010 की समान तिमाही के मुकाबले आवास कीमतों में वृद्धि हुई है।


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