यह ख़बर 10 जुलाई, 2011 को प्रकाशित हुई थी

पहली तिमाही में कर संग्रह में अच्छी वृद्धि: प्रणब

खास बातें

  • वित्तमंत्री ने कहा है कि पहली तिमाही में प्रत्यक्ष कर संग्रह में 26.43 प्रतिशत की जबर्दस्त वृद्धि हुई है और यह गति आगे भी बने रहने की उम्मीद है।
चेन्नई:

वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि चालू वित्तवर्ष की पहली तिमाही में प्रत्यक्ष कर संग्रह में 26.43 प्रतिशत की जबर्दस्त वृद्धि हुई है और यह गति आगे भी बने रहने की उम्मीद है। मुखर्जी तमिलनाडु क्षेत्र के आयकर एवं सीमाशुल्क तथा उत्पाद शुल्क विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। चालू वित्तवर्ष में अभी तक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष करों के संग्रहण में हुई प्रगति की सराहना करते हुए मुखर्जी ने अधिकारियों से कर वसूली पर अधिक जोर देने को कहा। सरकारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार अप्रत्यक्ष कर के मामले में चालू वित्तवर्ष के पहले तीन महीनों में सीमाशुल्क में 27.6 प्रतिशत, केंद्रीय उत्पादक शुल्क में 33 प्रतिशत और सेवाकर में 33.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। विज्ञप्ति में कहा गया है, सीमाशुल्क में हुई किसी भी कटौती के कारण सीमाशुल्क संग्रहण में आने वाली कमी की भरपाई सेवाकर में होने वाली तीव्र वृद्धि से कर ली जाएगी। विज्ञप्ति में मुखर्जी के हवाले से कहा गया है कि चालू वित्तवर्ष के लिए बजट में निर्धारित राजस्व वसूली लक्ष्यों को हासिल करने के हर संभव उपाय किए जाने चाहिए और इसके साथ ही उन्होंने दोनों बोर्डों के अधिकारियों को बजट लक्ष्य से 10 प्रतिशत अधिक राजस्व वसूली के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ने को कहा है। उन्होंने कहा कि तिमाही के दौरान बेहतर कर वसूली के साथ-साथ विभाग ने इस अवधि के दौरान 2,65,000 टैक्स रिफंड के मामलों का निपटारा भी किया।


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