यह ख़बर 10 जून, 2011 को प्रकाशित हुई थी

पेट्रोल के दाम बढ़ाने के लिए रेड्डी ने बढ़ाया दबाव

खास बातें

  • रेड्डी ने तेल कंपनियों के बढ़ते नुकसान को देखते हुए दाम बढ़ाने को लेकर एक बार फिर वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी पर दबाव बढ़ा दिया है।
New Delhi:

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री जयपाल रेड्डी ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों के बढ़ते नुकसान को देखते हुये ईंधन के दाम बढ़ाने को लेकर एक बार फिर वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी पर दबाव बढ़ा दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार की तुलना में डीजल, रसोई गैस और मिट्टी तेल की घरेलू बाजार में कम दाम पर बिक्री से सरकारी तेल कंपनियों को दैनिक 450 करोड़ रुपये तक का नुकसान झेलना पड़ रहा है। पेट्रोलियम मंत्री ने दोपहर ही इस संबंध में वित्त मंत्री से मुलाकात की और उन्हें सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों की स्थिति से अवगत कराया। तेल कंपनियां पेट्रोलियम पदार्थों के दाम नहीं बढ़ने की सूरत में भारी उधारी लेकर अपना काम चला रही हैं। मुखर्जी से मुलाकात के बाद रेड्डी ने संवाददाताओं से कहा, मैं पेट्रोलियम विपणन कंपनियों की लगातार बढ़ती कम वसूली को लेकर चिंतित हूं, तेल विपणन कंपनियों को रोजाना 450 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। पेट्रोलियम पदार्थों की मूल्य समीक्षा पर गठित प्राधिकृत मंत्री समूह की बैठक पिछले साल जून से नहीं हुई है जबकि इस दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ चुके हैं। मंत्री समूह डीजल, रसोई गैस और मिट्टी तेल जैसे संवेदनशील उत्पादों के बिक्री मूल्य की समीक्षा करता है। रेड्डी ने कहा कि फिलहाल प्राधिकृत मंत्री समूह की बैठक के लिये कोई नई तिथि तय नहीं की गई है। पेट्रोलियम मंत्रालय डीजल में तीन से चार रुपये लीटर, घरेलू गैस सिलेंडर में 20 से 25 रुपये और मिट्टी तेल में भी संभावित वृद्धि की उम्मीद कर रहा है। हालांकि, तेल कंपनियों को डीजल के मौजूदा खुदरा बिक्री मूल्य पर 14.22 रुपये प्रति लीटर, राशन में बिक रहे मिट्टी तेल पर 27.47 रुपये लीटर और 14.2 किलो के घरेलू गैस सिलेंडर पर 381.14 रुपये का नुकसान हो रहा है।


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