यह ख़बर 28 जून, 2011 को प्रकाशित हुई थी

भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए मुद्रास्फीति बड़ी चुनौती

खास बातें

  • वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए मुद्रास्फीति सबसे बड़ी चुनौती है।
वाशिंगटन:

वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए मुद्रास्फीति सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि महंगाई दर इस साल 6.5 प्रतिशत से अधिक रहने का अनुमान है। भारत-अमेरिका आर्थिक एवं वित्तीय सहयोग पर आयोजित सम्मेलन में मुखर्जी ने कहा, भारतीय अर्थव्यवस्था के समक्ष कई समस्याएं हैं और सबसे बड़ी चुनौती मुद्रास्फीति है। सम्मेलन का आयोजन उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) तथा वाशिंगटन स्थित शोध संस्थान ब्रुकिंग इंस्टीट्यूट ने संयुक्त रूप से किया है।भारत-अमेरिका आर्थिक तथा वित्तीय सहयोग पर विचार-विमर्श के लिए उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ सोमवार को यहां पहुंचे मुखर्जी ने कहा, मुद्रास्फीति का दबाव बड़ी बाधा पैदा कर रह है। उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति के साथ बेहतर आर्थिक वृद्धि भी हो रही है। मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाने के लिए मौद्रिक एवं राजकोषीय नीति का उपयोग साथ-साथ किया जा रहा है। उन्होंने कहा, अल्पकाल में मैं यह कहना चाहूंगा कि भारत में वृद्धि की संभावना मौजूद है। बचत एवं निवेश दर ऊंची है। कई ढांचागत सुधार के लिए कदम उठाए गए हैं। इसके पूरा होने के बाद निवेश अनुकूल माहौल बनेगा जिससे दुनिया के विभिन्न भागों से निवेश आ सकेंगे। मुखर्जी ने कहा कि वैसे तो मुद्रास्फीति 5 से 6 प्रतिशत आदर्श स्थिति है लेकिन इस साल इसके 6.5 प्रतिशत से अधिक रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि इसका कारण कृषि वस्तुओं के मामले में आपूर्ति बाधा है जिसे हम दूर के लिए कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खाद्य पदार्थ एवं ईंधन समेत जिंसों की उंची कीमत से समस्या उत्पन्न हो रही है।


Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com