खास बातें
- वित्तमंत्री ने आयकर विभाग को कहा है कि इस वर्ष उन्हें बेहतर प्रदर्शन करना है और राजकोषीय घाटे को बढ़ने से बचाना है।
नई दिल्ली: वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने आयकर विभाग को महंगाई और वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के वित्तीय संकट से उपजी चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहने का आह्वान करते हुए कहा कि वर्ष के दौरान उन्हें बेहतर प्रदर्शन करना है और राजकोषीय घाटे को बढ़ने से बचाना है। वित्तमंत्री ने मुख्य आयकर आयुक्तों एवं आयकर महानिदेशकों के 27वें वार्षिक सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा, वैश्विक आर्थिक माहौल बहुत अच्छा नहीं है, कई तरह की चुनौतियां सामने हैं, ऊंचे राजकोषीय घाटे में मेरा विश्वास नहीं है, आपके प्रदर्शन पर ही अब काफी कुछ निर्भर है और मुझे आप पर पूरा भरोसा है। मुखर्जी ने कहा कि बड़े विकसित देशों में वित्तीय स्थिति अनिश्चित बनी हुई है, वहां के आर्थिक हालात में अभी मजबूती नहीं दिख रही है, घाटे की भरपाई के लिए 1200 अरब डॉलर की राशि झोंकी गई है, इस नकदी का रुख किस तरफ होगा यह देखना होगा। उन्होंने कहा कि आपके सामने कई चुनौतियां हैं, लेकिन यह चुनौती घरेलू मोर्चे पर नहीं विदेशी अर्थव्यवस्थाओं से है। सम्मेलन में वित्त मंत्री से पहले राजस्व सचिव सुनील मित्रा ने भी चुनौती को आयकर आयुक्तों के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति और उपभोक्ता वस्तुओं के ऊंचे दाम आयकर वसूली को गड़बड़ा सकते हैं। महंगाई का असर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में सुस्ती के रुप में हमारे सामने होगा और जीडीपी की रफ्तार धीमी पड़ने से कर वसूली पर भी असर पड़ सकता है।