खास बातें
- वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि रुपये में तेज गिरावट गहरी चिंता का कारण है और केंद्र स्थिति से निपटने की कोशिश कर रहा है।
कोलकाता: वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि रुपये में तेज गिरावट गहरी चिंता का कारण है और केंद्र स्थिति से निपटने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने रुपये पर दबाव के लिए कुछ यूरोपीय देशों की सरकारों की संकटपूर्ण वित्तीय स्थिति को जिम्मेदार ठहराया है, जिसके कारण निवेशक अमेरिकी डॉलर में निवेश को ज्यादा सुरक्षित मानने लगे हैं।
मुखर्जी ने संवाददाताओं को बताया, यह गहरी चिंता का कारण है। हमारी स्थिति पर नजर है। केंद्र हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठा है। हम स्थिति से निपटने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, यह यूरोजोन संकट के चलते है। मुखर्जी ने कहा, ब्राजील सहित उभरते बाजारों में भी मुद्रा का संकट है।
गौरतलब है कि विदेशी मुद्रा विनियम बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपया पिछले कुछ दिनों से टूटता जा रहा है। शुक्रवार को, शुरुआती कारोबार में रुपया 55 के स्तर को पार करने के करीब आ गया। डीलरों ने कहा कि आयातकों खासकर तेल रिफाइनरियों की ओर से डॉलर की मांग निकलने से रुपया में गिरावट आई। हालांकि, रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप से रुपये में गिरावट थम गई।