खास बातें
- आर्थिक सुधारों के अटकने की आशंकाओं को खारिज करते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि सरकार आगामी सत्र में कई आर्थिक बिलों को पेश करने की तैयारी में है।
New Delhi: आर्थिक सुधारों की गाड़ी अटकने को लेकर बढ़ती आशंकाओं को दरकिनार करते हुए वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि सरकार संसद के आगामी सत्र में कई आर्थिक विधेयकों को पेश करने की तैयारी में है। मुखर्जी ने संवाददाताओं के पूछने पर कहा, हमने अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। खाद्य सुरक्षा विधेयक और खनन और खनिज विकास एवं नियमन विधेयक को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके अलावा संसद के पिछले सत्र में मैंने बीमा, बैंकिंग संशोधन विधेयक और जीएसटी के लिए संविधान संशोधन विधेयक पेश किए हैं। संसद का मॉनसून सत्र 1 अगस्त से शुरू होने की उम्मीद है और इसके हंगामी रहने की आशंका बनी हुई है। मुखर्जी ने विश्वास व्यक्त किया कि अर्थव्यवस्था जल्द ही वैश्विक वित्तीय संकट से पूर्व की स्थिति में आ जाएगी और 9 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ने लगेगी। हालांकि, उन्होंने कहा कि ऊंची मुद्रास्फीति लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। मुखर्जी ने इस प्रकार के भी संकेत दिए कि महंगाई पर अंकुश के लिए रिजर्व बैंक प्रमुख नीतिगत दरों में और वृद्धि कर सकता है। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि अंतिम नहीं हो सकती, ऐसा नहीं लगता है कि यह अंतिम छोर पर पहुंच चुकी है। वित्तमंत्री से जब यह पूछा गया कि वह रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत दरों में आधा प्रतिशत अंक वृद्धि से हैरान हैं, तो उन्होंने जवाब में कहा, मैं नहीं कह सकता कि इससे मुझे आश्चर्य हुआ, इसमें कोई शंका नहीं कि वृद्धि ज्यादा है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में यह जरूरी भी थी।