राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी (फाइल फोटो)
कोच्चि: राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में 7.5 प्रतिशत से अधिक रहने का अनुमान है. राष्ट्रपति ने कहा कि स्वतंत्रता से 50 साल पहले देश की आर्थिक वृद्धि दर 0 से 1 प्रतिशत थी. केएस राजामोनी स्मृति व्याख्यानमाला में उन्होंने कहा कि 1950 के दशक में वृद्धि दर बढ़कर 1 से 2 प्रतिशत और जबकि 60 के दशक में 3-4 प्रतिशत पर पहुंच गई.
1990 के दशक में आर्थिक सुधारों के साथ यह बढ़कर 6 से 7 प्रतिशत हो गई. ‘इंडिया एट 70’ विषय पर मुखर्जी ने कहा कि 15 साल में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7 प्रतिशत से अधिक रही है और इसके साथ दुनिया की तेजी से वृद्धि करने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई.
उन्होंने कहा, ‘‘चालू वर्ष की तीसरी तिमाही के संकेत के तहत वृद्धि दर 7.5 प्रतिशत से अधिक रहेगी. राष्ट्रपति ने कहा कि किसानों के कठिन मेहनत और कर्मचारियों के कारण इस प्रकार का प्रदर्शन हासिल किया जा सका."
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