यह ख़बर 17 जुलाई, 2011 को प्रकाशित हुई थी

खाद्य महंगाई को काबू करने की कोशिश जारी : प्रणब

खास बातें

  • मुखर्जी ने खाद्य महंगाई के लिए खाद्यान्नों के कम उत्पादन को जिम्मेदार कारक बताते हुए कहा कि सरकार महंगाई को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है।
कोलकाता:

केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने रविवार को खाद्य महंगाई के लिए खाद्यान्नों के कम उत्पादन को जिम्मेदार कारक बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार खाद्य महंगाई को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है। मुखर्जी ने यहां संवाददाताओं से कहा, "खाद्यान्नों की कीमत उपज कम होने के कारण बढ़ी है। हमें कुल 1.9 करोड़ टन खाद्यान्नों की जरूरत है, जबकि कुल उत्पादन 1.4 करोड़ टन हुई है। इस वर्ष हालांकि दलहन का उत्पादन बढ़ा है।" उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य ने भी महंगाई बढ़ाने का काम किया है। मुखर्जी ने कहा, "पहले एक क्विं टल धान का समर्थन मूल्य 600 रुपये होता था। अब यह 1,100 रुपये है। केंद्र सरकार कुल खरीददारी का एक तिहाई हिस्सा खरीदती है। समर्थन मूल्य बाजार मूल्य तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।" उन्होंने कहा, "हम खाद्य महंगाई घटाने की कोशिश कर रहे हैं।"


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