यह ख़बर 14 अक्टूबर, 2011 को प्रकाशित हुई थी

देश के कई हिस्सों में बिजली संकट गहराया

खास बातें

  • कोयले की आपूर्ति प्रभावित होने से दिल्ली, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक में बिजली की कमी ने देशव्यापी संकट का रूप अख्तियार कर लिया है।
New Delhi:

बारिश और हड़ताल सहित कई कारणों से कोयले की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण दिल्ली, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक में बिजली की कमी ने शुक्रवार को देशव्यापी संकट का रूप अख्तियार कर लिया। कई राज्यों को दिन में तीन से चार घंटे बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है और यह संकट और गहराने की संभावना है। केंद्रीय कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने कोयला आपूर्ति बढ़ाने के लिए कई कदमों की घोषणा की है। बुधवार शाम जारी एक बयान में कहा गया था, कि विद्युत क्षेत्र के लिए कोयले की अधिक उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए कोयला मंत्रालय ने चालू महीने के दौरान विद्युत क्षेत्र को ई-नीलामी के कुछ कोयले उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। कोयले की आपूर्ति की मौजूदा नीति के अनुसार कोयले की कुल उपलब्धता का 10 प्रतिशत हिस्सा ई-नीलामी के लिए रखा जाता है। जायसवाल ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि कोयले की लदाई मौजूदा 153 रेक प्रतिदिन से बढ़ाकर तत्काल 180 रेक प्रतिदिन कर दिया जाए। इनमें से 145 रेक विद्युत क्षेत्र के लिए आरक्षित हैं। विद्युत उत्पादक संघ के महानिदेशक अशोक खुराना ने कहा कि सरकार की ओर से उठाए गए इस पहले कदम का हम स्वागत करते हैं। इससे तात्कालिक कोयला संकट से निपटने में निश्चित रूप से मदद मिलेगी। कोयले की कमी के पीछे मुख्य कारण कोयला उत्पादन वाले कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश, सरकारी स्वामित्व वाले कोल इंडिया के कामगारों द्वारा पिछले सप्ताह किया गया दो दिवसीय हड़ताल और आंध्र प्रदेश में पृथक तेलंगाना राज्य की मांग को लेकर जारी हड़ताल से खनन में पैदा हुआ व्यवधान शामिल हैं। इसके परिणामस्वरूप देश में विद्युत उत्पादन की सबसे बड़ी कंपनी, सरकारी स्वामित्व वाली राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) की कई इकाइयों में दो दिनों से कोयले की आपूर्ति ठप है।


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