यह ख़बर 27 अगस्त, 2014 को प्रकाशित हुई थी

बिजली संकट गहराया, अदाणी व टाटा की कई इकाइयां बंद

नई दिल्ली:

अनेक बिजली उत्पादन इकाइयों के ठप्प होने से लगभग 7000 मेगावाट बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है और इससे देश के कुछ हिस्सों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।

जिन बिजलीघरों में उत्पादन बंद हुआ है उनमें अडाणी व टाटा की मूंदड़ा परियोजाना की कुछ इकाइयां शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि अनेक बिजलीघर तो पहले से ही कोयले की कमी से प्रभावित हैं। ये बिजलीघर तय क्षमता से कुल मिलाकर 34000 मेगावाट कम उत्पादन को मजबूर हैं।

अदाणी पावर ने मूंदड़ा, गुजरात में अपनी 4620 मेगावाट के बिजलीघर में लगभग छह इकाइयां बंद की हैं। इसी तरह टाटा पावर ने मूंदड़ा यूएमपीपी (अति वृहत बिजली परियोजना) की दो उत्पादन इकाइयों को तकनीकी मुद्दों को चलते बंद कर दिया है।

वेस्टर्न रीजनल लोड डिस्पच सेंटर के अनुसार वेस्टर्न रीजनल ग्रिड को 26 अगस्त को उत्पादन में 3143 मेगावाट का नुकसान झेलना पड़ा क्योंकि अनेक बिजलीघर कोयले की कमी झेल रहे हैं। इस ग्रिड की कुल क्षमता लगभग 4550 मेगावाट है और इसके अधीन आने वाले राज्यों में गुजरात, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, गोवा, दमन दीव व नागरा हवेली है।

अडाणी पावर ने मूंदड़ा बिजलीघर में कम से कम छह इकाइयों को आज बंद कर दिया। अदाणी ग्रुप ने इस बारे में टिप्पणी से इनकार किया।

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टाटा पावर की पूर्ण अनुषंगी कोस्टल गुजरात पावर लिमिटेड (सीजीपीएल) का कहना है कि यूएमपीपी की दूसरी व चौथी इकाई अलग-अलग कारणों के चलते बंद है। यह बिजलीघर महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा व पंजाब को बिजली आपूर्ति करती है। अदाणी के बिजलीघर से बिजली गुजरात व हरियाणा को जाती है।