खास बातें
- पंजाब नेशनल बैंक, आईडीबीआई बैंक तथा सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया सहित आधा दर्जन बैंकों ने कर्ज एवं जमा पर ब्याज दरों में 1.5% तक की वृद्धि की है।
New Delhi: भारतीय रिजर्व बैंक के नीतिगत दरों में वृद्धि के बाद बैंकों द्वारा ब्याज दर बढ़ाने का सिलसिला जारी है। पंजाब नेशनल बैंक, आईडीबीआई बैंक तथा सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया सहित करीब आधा दर्जन बैंकों ने कर्ज एवं जमा पर ब्याज दरों में 1.5 प्रतिशत तक वृद्धि की है। बैंकों के इस कदम से जहां आवास तथा वाहन समेत अन्य कर्ज महंगा होगा, वहीं जमाकर्ताओं को बचत पर ज्यादा ब्याज मिलेगा। रिजर्व बैंक द्वारा मुद्रास्फीति पर शिकंजा कसने के लिए रेपो और रिवर्स रेपो दोनों 0.50 प्रतिशत की वृद्धि के बाद बैंक ब्याज दरों में वृद्धि कर रहे हैं। पीएनबी, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया तथा आईडीबीआई बैंक ने आधार दर या प्रधान उधारी दर में 0.75-0.75 प्रतिशत तक की वृद्धि की। पीएनबी के बयान के अनुसार बैंक ने आधार दर 0.75 प्रतिशत बढ़ाकर 10.75 प्रतिशत कर दी है। बैंक ने प्रधान उधारी दर (बीपीएलआर) भी 0.75 प्रतिशत बढ़ाकर 14.25 प्रतिशत कर दी है। इसके अलावा बैंक ने चुनिंदा मियादी जमा की ब्याज दरों में भी वृद्धि की है। संशोधित दरें 1 अगस्त, 2011 से प्रभावी होंगी। इस बीच, सार्वजनिक क्षेत्र के एक और बैंक ओरिएंटल बैंक ऑफ कामर्स (ओबीसी) ने भी कर्ज एवं जमा दरों में वृद्धि की घोषणा की। ओबीसी ने आधार दर तथा बीपीएलआर दोनों में 0.50 प्रतिशत की वृद्धि की है। इस वृद्धि के साथ आधार दर 10.75 प्रतिशत तथा बीपीएलआर 15 प्रतिशत हो गई है। हालांकि मियादी जमाओं पर ओबीसी ने ब्याज दरों में 1.0 प्रतिशत तक की वृद्धि की है। उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक ने मुद्रास्फीति पर शिकंजा कसने के लिए 26 जुलाई को रेपो और रिवर्स रेपो दोनों में 0.50 प्रतिशत की वृद्धि की थी। इसके बाद बैंकों ने ब्याज दर बढ़ाना शुरू कर दिया है।