खास बातें
- प्रधानमंत्री ने कहा कि नौ प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने के लिए भारत को अपनी ऊर्जा खपत तेजी से बढ़ानी होगी।
New Delhi: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि 12वीं योजना अवधि (2012-17) के दौरान नौ प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने के लिए भारत को अपनी ऊर्जा खपत तेजी से बढ़ानी होगी। वे यहां राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, हमने 12वीं योजना के दौरान सकल घरेलू उत्पादन में नौ प्रतिशत सालाना वृद्धि का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। आर्थिक वृद्धि की यह ऊंची दर हासिल करने के लिए जरूरी है कि हमारी ऊर्जा खपत भी तेजी से बढ़े। सरकार ने अगले पांच साल में जीडीपी वृद्धि दर नौ प्रतिशत सालाना करने का लक्ष्य रखा है, हालांकि देश की अर्थव्यवस्था कठिन दौर से गुजर रही है। केंद्र ने मौजूदा 2011-12 वित्त वर्ष के लिए जीडीपी वृद्धि दर अनुमान को हाल ही में घटाकर 7.5 प्रतिशत (लगभग) किया जो पहले नौ प्रतिशत था। सिंह ने कहा कि चूंकि देश अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं के एक बड़े हिस्से की पूर्ति आयात के जरिए करता है इसलिए ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के प्रयासों को दोगुना करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, चूंकि हम बहुत कुछ पारंपरिक ईंधन पर निर्भर करते हैं, हमारी ताप बिजली उत्पादन योजना की ऊर्जा दक्षता में किसी भी तरह का सुधार से हमें जीडीपी के ऊर्जा घनत्व को कम करने में मदद मिलेगी।