शंघाई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निजी क्षेत्र के शीर्ष बैंक आईसीआईसीआई बैंक की पहली शाखा का शनिवार को शंघाई में उद्घाटन किया। इससे भारत और चीन की कंपनियों को सीमापार व्यापार में मदद मिलेगी। चीन के सबसे बड़े शहर शंघाई स्थित इस शाखा में बैंक 17 अधिकारियों के साथ काम की शुरआत करेगा। इसमें कापरेरेट बैंकिंग, परिचालन, वित्त और कोषागार समेत विभिन्न प्रकार का काम होगा। शंघाई चीन का सबसे बड़ा शहर और प्रमुख वैश्विक वित्तीय केन्द्र भी है।
चीन की तीन दिन की यात्रा के आखिरी दिन प्रधानमंत्री ने आईसीआईसीआई बैंक की प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी चंदा कोचर, वरिष्ठ भारतीय एवं चीनी अधिकारियों और कारोबारी प्रतिनिधियों की मौजूदगी में इस शाखा का उद्घाटन किया गया।
कोचर ने कहा, 'शंघाई की इस शाखा के जरिए हमें भारत और चीन के बीच बढ़ते व्यापार एवं निवेश अवसरों में बड़ी भूमिका निभाने में मदद मिलेगी।' कोचर ने कहा, 'हमें निकट भविष्य में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। इस शाखा के खुलने के साथ आईसीआईसीआई बैंक इन अवसरों का फायदा उठाने के लिए रणनीतिक रूप से तैयार है।'
आईसीआईसीआई बैंक 132 अरब डॉलर की सकल परिसंपत्ति के साथ भारत का निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा बैंक है। आईसीआईसीआई बैंक की 17 देशों में मौजूदगी है। बैंक का चीन में पहले से ही प्रतिनिधि कार्यालय खुला था। प्रतिनिधि कार्यालय दस साल पहले 2003 में खुला था।
बैंक ने कहा कि भारत और चीन के बीच बढ़ते व्यापार को ध्यान में रख शंघाई के अपने प्रतिनिधि कार्यालय को प्रमोट करके शाखा में तब्दील कर दिया है।
चीन के बैंकिंग नियामक आयोग के दिशानिर्देशों के तहत सामान्य बैंकिंग गतिविधियों के अलावा आईसीआईसीआई बैंक की शंघाई शाखा चीन तथा अन्य देशों के बीच अंतरराष्ट्रीय व्यापार की भी सुविधा प्रदान करेगी और भारत में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं तथा वित्तपोषण जरूरतों के लिए बोली लगाने चीनी कंपनियों एवं अनुबंधकर्ताओं की मदद करेगी।
आईसीआईसीआई की यह शाखा चीन में भारतीय संयुक्त उद्यमों और भारतीय इकाइयों की अनुषंगियों के कारोबार विस्तार और चीन से भारत को होने वाले धन प्रेषण में भी मदद करेगी।