यह ख़बर 14 सितंबर, 2011 को प्रकाशित हुई थी

रोजगार देने में दिल्ली-एनसीआर सबसे आगे

खास बातें

  • उद्योग जगत में इस दौरान रोजगार में 51% वृद्धि दर्ज की गई, जिसमें दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र 24% योगदान के साथ सबसे आकर्षक क्षेत्र साबित हुआ है।
New Delhi:

देश में रोजगार के अवसर पैदा करने के मामले में पहली श्रेणी के शहरों का कुल हिस्सा बेशक 86 प्रतिशत से घटकर 74 प्रतिशत रह गया, लेकिन राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली (दिल्ली एनसीआर) युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में आगे रहा है। वाणिज्य एवं उद्योग मंडल एसोचैम के प्लेसमेंट पैटर्न में मासिक आधार पर रोजगार के अवसरों पर अध्ययन में यह बात सामने आई है। इसमें देश के 56 प्रमुख शहरों में 32 क्षेत्रों के बारे में अध्ययन किया गया। यह अध्ययन तीन प्रमुख जॉब पोर्टल में दिए गए नौकरी के 62,181 अवसरों में किया गया। भारतीय उद्योग जगत में इस दौरान रोजगार के अवसरों में 51 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई, जिसमें पहली श्रेणी के शहरों में दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र 24 प्रतिशत के योगदान के साथ सबसे आकर्षक क्षेत्र साबित हुआ है। नौकरी की शुरुआत करने वाले युवाओं के लिए दिल्ली-एनसीआर काफी आकर्षक रहा है। एसोचैम महासचिव डीएस रावत ने प्लेसमेंट पैटर्न सर्वेक्षण जारी करते हुए कहा कि नौकरियां उपलब्ध कराने में दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों का योगदान क्रमश: नौ और छह प्रतिशत से बढ़कर 13 प्रतिशत से अधिक हो गया है, इससे यह साबित हो जाता है कि आर्थिक गतिविधियों का रुझान पहली श्रेणी के शहरों से छोटे शहरों की तरफ होने लगा है। अध्ययन के अनुसार, अगस्त 2011 में बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता, मुंबई, अहमदाबाद, पुणे और दिल्ली एनसीआर सहित पहली श्रेणी के शहरों में कुल 45,859 रोजगार के अवसर सृजित हुए। पिछले साल अगस्त की तुलना में यह 30 प्रतिशत की वृद्धि है। रावत ने कहा कि ज्यादातर नियुक्तियां प्रवेश स्तर अथवा प्रबंधन के मध्यम स्तर पर हुईं। ज्यादातर उद्योग अपनी श्रमशक्ति को मजबूत बनाना चाहते हैं। वैश्विक आर्थिक परिदृश्य पर मंदी के रुख के बावजूद नियुक्तियों में वृद्धि का यह रुझान भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है। एसोचैम अध्ययन के अनुसार सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सर्वाधिक 38.6 प्रतिशत रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं। पिछले साल अगस्त के मुकाबले इसमें 50 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र का भी रोजगार उपलब्ध कराने में बेहतर योगदान रहा है। पिछले साल अगस्त के मुकाबले इस क्षेत्र में 145 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि शिक्षा, विनिर्माण और इंजीनियरिंग क्षेत्र का योगदान पिछले साल की तुलना में कुछ कम हुआ है।


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