खास बातें
- कानून को लागू करने वाली सरकारी एजेंसियां बिना गृह मंत्रालय या राज्य गृह सचिव की अनुमति के सुरक्षा कारणों से किसी भी व्यक्ति का 72 घंटे के लिये फोन टैप कर सकती हैं।
नई दिल्ली: केंद्र ने मंगलवार को राज्य सरकारों के साथ टेलीफोन टैपिंग से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की तथा किसी भी प्रकार के विवाद से बचने के लिए मौजूदा नियमों के पालन पर जोर दिया। मुख्य सचिवों तथा पुलिस महानिदेशकों की बैठक में गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि कानून को लागू करने वाली सरकारी एजेंसियां बिना गृह मंत्रालय या राज्य गृह सचिव की अनुमति के सुरक्षा कारणों से किसी भी व्यक्ति का 72 घंटे के लिये फोन टैप कर सकती हैं। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि लेकिन ऐसे मामले में अगर संबंधित एजेंसी को अनुमति नहीं मिलती है तो उसे बातचीत के टैप को 48 घंटे के भीतर नष्ट करना होगा। हालांकि बैठक में शामिल मुख्य सचिवों ने कहा कि फोन टैप को नष्ट करने के लिये 48 घंटे का समय कम है। इसे बढ़ाया जाना चाहिए। गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने राज्य सरकार के प्रतिनिधियों को यह भी बताया कि फोन टैप के मामले में क्या करना है और क्या नहीं करना है। अधिकारियों ने इस मामले में नियमों का कड़ाई से पालन करने पर जोर दिया। बैठक में टेलीफोन टैपिंग मामले में सचिवों की समिति की सिफारिशों पर भी चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता गृह सचिव जी के पिल्लै ने की। बैठक में जाति आधारित जनगणना, गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले परिवारों, शहरों में रहने वाले गरीबों तथा मानव तस्करी पर भी चर्चा की गई।