खास बातें
- पेट्रोल के दाम में 3 रुपये तक की वृद्धि हो सकती है। डीजल की कीमत 3 से 4 रुपये तथा रसोई गैस की कीमत 20 से 25 रुपये प्रति सिलेंडर बढ़ सकती है।
New Delhi: पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही पेट्रोल, डीजल के दाम बढ़ने की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। पेट्रोल के दाम इसी सप्ताह बढ़ सकते हैं, जबकि डीजल तथा रसोई गैस अगले हफ्ते महंगी हो सकती है। पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी ने संवाददाताओं को बताया कि ईंधन कीमतों में वृद्धि के बारे में वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी की अध्यक्षता वाले अधिकारसंपन्न मंत्री समूह की बैठक होनी थी, जिसे टाल दिया गया है। मंत्रीसमूह की बैठक में डीजल के दाम 3 से 4 रुपये तथा रसोई गैस की कीमत 20 से 25 रुपये प्रति सिलेंडर बढ़ाने पर चर्चा होनी थी। उन्होंने कहा कि कुछ मंत्रियों के तालमेल को देखते हुए इसे टाला गया है। अब यह 17-18 मई को किसी समय हो सकती है। इस बीच सरकारी तेल कंपनियों को पेट्रोल के दाम बढ़ाने की अनुमति मिलने की संभावना है। पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के चलते सरकार की सलाह पर कंपनियों ने पेट्रोल के दाम जनवरी से नहीं बढ़ाए। एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि पेट्रोल की कीमतों में गुरुवार-शुक्रवार रात से वृद्धि हो सकती है। पेट्रोल के दाम में 3 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि हो सकती है। सरकार ने जून, 2010 में पेट्रोल की कीमतों को नियंत्रण मुक्त कर दिया था, लेकिन सरकार की तरफ से अनौपचारिक तौर पर दी गई सलाह ने कंपनियों पर लगाम लगाए रखी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के लिहाज से पेट्रोल के दाम में 8.50 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि चाहिए, लेकिन कंपनियों को सारा बोझ उपभोक्ताओं पर एक ही झटके में नहीं डालने की सलाह दी गई है। सार्वजनिक क्षेत्र की इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम तथा हिंदुस्तान पेट्रोलियम को डीजल की मौजूदा खुदरा कीमतों पर 16 से 17 रुपये प्रति लीटर का नुकसान (अंडर रिकवरी) हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय कीमतों के हिसाब से दाम 18 से 19 रुपये प्रति लीटर बढ़ने चाहिए। इन कंपनियों को केरोसीन की ब्रिकी पर 29.69 रुपये प्रति लीटर तथा रसोई गैस सिलेंडर पर 329.73 रुपये का नुकसान हो रहा है। एक अनुमान के अनुसार यदि मौजूदा स्थिति बनी रही, तो कंपनियों को चालू वित्तवर्ष में 1,80,000 करोड़ रुपये की कम वसूली (अंडर रिकवरी) होगी।