Petrol Diesel Price: नवंबर में लगातार पांचवें महीने रूस से भारत का तेल आयात बढ़ा है.
नई दिल्ली: पिछले कुछ समय से कच्चे तेल की कीमतों (Crude Oil Prices) में लगातार गिरावट का दौर जारी है. हालांकि, देश में पेट्रोल-डीजल के दाम (Petrol Diesel Price) पर इसका कोई प्रभाव नहीं दिखा रहा है. लेकिन अब आपके लिए एक अच्छी खबर आने वाली है. दरअसल, सात देशों के समूह, ऑस्ट्रेलिया और 27 यूरोपीय संघ के देशों ने 5 दिसंबर से रूसी क्रूड ऑयल (Russian Crude Oil) पर 60 डॉलर प्रति बैरल की प्राइस कैप लगा दी है . जिसकी वजह से अब रूस क्रूड ऑयल को 60 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा महंगा नहीं बेच पाएगा. वहीं, भारत ने रूसी क्रूड ऑयल पर लगाए गए प्राइस कैप का समर्थन नहीं किया है.
यही वजह है कि रूस 60 डॉलर प्रति बैरल से कम कीमत पर भारत को क्रूड ऑयल बेच सकता है. अगर भारत प्राइस कैप से कम दाम पर कच्चे तेल की खरीद करता है तो देश में पेट्रोल-डीजल का सस्ता होना तय माना जा रहा है.
आपको बता दें कि रूस पहली बार भारत के शीर्ष तेल आपूर्तिकर्ता के रूप में उभरा है. रूस ने तेल आयात के मामले में भारत के सबसे बड़े तेल आपूर्तिकता इराक की जगह ले ली है. भारतीय रिफाइनर ने 5 दिसंबर से रूसी क्रूड ऑयल पर प्राइस कैप लगने की संभावना के बीच आपूर्ति प्रभावित होने के डर से पिछले महीने भारी मात्रा में रूसी तेल की खरीद की है.
वहीं, आंकड़ों के आधार पर बात करें तो नवंबर में लगातार पांचवें महीने रूस से भारत का तेल आयात बढ़ा है. पिछले महीने रूसी तेल का आयात बढ़कर 908,000 बैरल प्रति दिन (बीपीडी) हो गया है, जो अक्टूबर से 4% अधिक है.
रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई देशों ने रूस पर कडे प्रतिबंध लगाए. लेकिन इसके बावजूद भारत ने रूसी तेल की खरीद जारी रखा. इससे भारत-रूस के बीच कच्चे तेल के आयात में बढ़ोतरी दर्ज की गई. रूस से भारत मात्र दिसंबर 2021 में प्रतिदिन 36,255 बैरल कच्चे तेल आयात करता था. यह मार्च 2022 तक 68,600 बैरक प्रतिदिन तक पहुंच गया. इसके अलावा भारत 31 मार्च 2022 तक कुल तेल आयात में रूस से सिर्फ 0.2 फीसदी तेल खरीदता था, जो बढ़कर 20 फीसदी हो गया है.