खास बातें
- सरकार ने बुधवार स्वीकार किया कि निर्यात को बढ़ावा देने क लिए जिन 587 विशेष आर्थिक जोन (सेज) को मंजूरी दी गयी थी उनमें से एक चौथाई ही चालू हो पाए हैं।
नई दिल्ली: सरकार ने बुधवार स्वीकार किया कि निर्यात को बढ़ावा देने क लिए जिन 587 विशेष आर्थिक जोन (सेज) को मंजूरी दी गयी थी उनमें से एक चौथाई ही चालू हो पाए हैं।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान तपन कुमार सेन, सुब्बारामी रेड्डी आदि सदस्यों के पूरक सवालों के जवाब में यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि अब तक सेज के 587 प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी थी जबकि 47 प्रस्तावों को सैद्धांतिक मंजूरी दी गयी है। इनमें से 380 की अधिसूचना जारी हो गयी है और 154 सेज काम कर रहे हैं।
शर्मा ने कहा कि अगर सेज के चालू होने में स्वीकार्य सीमा से अधिक की देरी होगी तो कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कई मामलों में सेज को अधिसूचना से बाहर किए जाने का अनुरोध मिला है।
उन्होंने बताया कि 31 दिसंबर 2011 की स्थिति के अनुसार सेज में कुल 2,49,631 करोड़ रुपए का निवेश हुआ और करीब आठ लाख लोगों को रोजगार मिला है।
उन्होंने बताया कि विशेष आर्थिक जोन (सेज) से 2010-11 में 3,15,868 करोड़ रुपए का निर्यात किया गया जो पिछले साल की तुलना में 43.11 प्रतिशत अधिक है। शर्मा ने कहा कि आंकड़ों से स्पष्ट है कि देश के कुल निर्यात में करीब 25 प्रतिशत हिस्सा सेज का है।
शर्मा ने कहा कि इस साल देश का निर्यात 300 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है जो पिछले साल 252 अरब डॉलर था।