खास बातें
- थोक व्यापारियों का कहना है कि इस बार प्याज की आपूर्ति की स्थिति गत दिसंबर की तरह खराब नहीं है और न ही कीमतों में और तेजी की गुंजाइश है।
New Delhi: प्याज के खुदरा बाजार में मौजूदा तेजी के बावजूद दिल्ली के थोक व्यापारियों का कहना है कि इस बार प्याज की आपूर्ति की स्थिति गत दिसंबर की तरह खराब नहीं है और न ही फिलहाल कीमतों में और तेजी की गुंजाइश है। दिल्ली की आजादपुर फल एवं सब्जी मंडी के व्यापारियों का कहना है कि प्याज की कीमतों में जितनी तेजी आनी थी, आ चुकी है। फिलहाल इसके और ऊंचाई पर जाने की संभावना नहीं है। आलू-प्याज व्यापारी संघ के महासचिव राजेंद्र शर्मा ने कहा कि महाराष्ट्र तथा दक्षिण भारत के कर्नाटक आदि क्षेत्रों में भारी बारिश की वजह से प्याज की फसल को थोड़ा नुकसान पहुंचा है। वहां का प्याज अगस्त में आना शुरू हो जाती है, पर बारिश की वजह से उसकी आवक नहीं हो पा रही, जिससे प्याज की कीमतों में कुछ तेजी आई है। शर्मा ने कहा, प्याज बाजार में फिलहाल ज्यादा उछाल का अनुमान नहीं किया जा रहा है। पर कुछ व्यापारियों का कहना है कि प्याज का काफी स्टॉक मौजूद है, पर अगले 10 दिन में पीछे स्थिति नहीं सुधरी, तो जरूर कुछ दिक्कत आ सकती है। इस बीच सरकार ने भी तत्काल कदम उठाते हुए प्याज निर्यात को हतोत्साहित करने के उद्देश्य से इसके न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) को 175 डालर बढ़ॉकर 475 डॉलर प्रति टन कर दिया। इससे सस्ती दर की प्याज का निर्यात रुकेगा और घरेलू बाजार में आपूर्ति और सुधरेगी। राजधानी दिल्ली के खुदरा बाजार में प्याज का भाव पिछले डेढ़ माह में करीब 10 रुपये किलो चढ़कर 25 रुपये किलो पर पहुंच चुका है। इसे देखते हुए ही केंद्रीय खाद्य मंत्री केवी थॉमस ने नाफेड और एनसीसीएफ के आउटलेट्स से प्याज की बिक्री 20 रुपये किलो के भाव से करने का निर्देश दिया है।