खास बातें
- केंद्र सरकार ने गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वालों बजुर्गों को पेंशन का लाभ देने की उम्र सीमा 65 से घटाकर 60 साल कर दी है।
New Delhi: गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वालों बजुर्गों को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्ध पेंशन योजना के तहत पेंशन का लाभ देने की आयु सरकार ने 65 से घटाकर 60 वर्ष कर दी है। इसके साथ ही उसने 80 वर्ष से अधिक आयु वाले बीपीएल लोगों की पेंशन राशि 200 रुपये से बढ़ा कर 500 रुपये प्रतिमाह करने को भी मंजूरी दे दी। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय किया गया। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने बताया कि पुनरीक्षित मानक इस साल 1 अप्रैल से लागू होंगे। संशोधित योजना से लाभान्वितों का दायरा बढ़ने से सरकार पर 2770 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा। पेंशन का लाभ पाने वालों की आयु कम करने से गरीबी रेखा के नीचे रह रहे 60 से 64 साल तक के 72.32 लाख अतिरिक्त बुजुर्गों को इसका फायदा होगा। एक अनुमान के अनुसार गरीबी रेखा के नीचे आने वाले 26.49 लाख बुजुर्ग 80 साल से अधिक आयु के हैं। ऐसे बुजुर्गों को अब 200 की बजाय प्रति माह 500 रुपये की पेंशन मिलेगी। आंकड़े बताते हैं कि गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे 169 लाख व्यक्ति 65 साल से अधिक के हैं, जिन्हें पेंशन का लाभ मिल रहा है। 60 से 64 साल तक लोगों को वृद्ध आयु पेंशन योजना के तहत प्रतिमाह 200 रुपये पेंशन देने से सरकार पर 1736 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ आएगा और 80 साल से अधिक आयु वालों को प्रतिमाह 500 रुपये पेंशन देने से सरकारी खजाने से 953 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च होंगे।