नई दिल्ली: दिल्ली में ऑड-ईवन स्कीम का पहला हफ्ता प्रदूषण के स्तर को नीचे लाने में कितना कामयाब रहा इस पर बहस जारी है। दूसरी तरफ राजधानी के करीब 400 पेट्रोल पंपों की बिक्री पर इसका असर जरूर पड़ा है। पंप मालिकों के मुताबिक ऑड-ईवन की वजह से पेट्रोल-डीजल की बिक्री मोटे तौर पर करीब 35 फीसदी तक औसतन घटी है।
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पेट्रोल पंप पर प्रतिदिन पांच हजार लीटर तक कम बिक्री
ऑल इंडिया पेट्रोलियम फेडरेशन के अध्यक्ष अजय बंसल ने NDTV इंडिया से कहा, "सबसे ज्यादा उन पेट्रोल पंपों पर बिक्री में गिरावट दर्ज हुई है जहां कार कस्टमर ज्यादा आते थे। दिल्ली के एक पेट्रोल पंप पर औसतन हर दिन 18000 लीटर तक बिक्री होती है, लेकिन कई जगहों पर हर दिन की औसत बिक्री घटकर 13000 लीटर तक हो गई है।"
...तो रात में बंद रहेंगे पेट्रोल पंप
ट्रायल के पहले हफ्ते तक तो ठीक है लेकिन अगर ऑड-ईवन सिस्टम लंबे समय के लिए लागू होता है तो पेट्रोल पंपों की ऊंची मेंटेनेंस और ऑपरेशनल कॉस्ट को देखते हुए मालिक अब इस बात पर भी विचार करने लगे हैं कि क्यों न पेट्रोल पंपों को रात में बंद रखा जाए। अजय बंसल कहते हैं, "अब पेट्रोल डीलर आपस में इस बात पर विचार कर रहे हैं कि पेट्रोल पंपों को 9 बजे से 5 बजे तक ही खोला जाए। इन्हें रात में बंद रखा जाए। क्योंकि हमें इन्हें 24 घंटे चालू रखने पर काफी खर्च करना पड़ता है। 2 से 3 लाख रुपये तो सिर्फ बिजली पर खर्च करने पड़ते हैं। कमाई घटने के बाद अब हमें कर्मचारियों की संख्या में भी कटौती करनी पड़ेगी।"
पेट्रोल डीजल की खपत में गिरावट की वजह से टैक्स वसूली में होने वाली कमी के लिए सरकार भले ही तैयार हो, लेकिन अब इसका असर पेट्रोल पंपों के कारोबार पर भी दिख सकता है और चौबीसों घंटे जागने वाली दिल्ली को अपनी दूसरी आदतें भी बदलनी पड़ सकती हैं।