यह ख़बर 07 जुलाई, 2011 को प्रकाशित हुई थी

ओबामा ने कहा, फिर आ सकती है मंदी

खास बातें

  • अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि कर्ज की ऊपरी सीमा बढ़ाए जाने में कांग्रेस की विफलता दूसरी मंदी को जन्म दे सकती है।
वाशिंगटन:

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि कर्ज की ऊपरी सीमा बढ़ाए जाने में कांग्रेस की विफलता दूसरी मंदी को जन्म दे सकती है। सरकार ने मई में ही वर्तमान कर्ज की ऊपरी सीमा 142.9 खरब डॉलर को पार कर लिया था, लेकिन वित्त विभाग ने विशेष कदम उठाते हुए दो अगस्त तक के लिए कोष की व्यवस्था कर रखी है। बुधवार को व्हाइट हाउस के एक कार्यक्रम में कर्ज की ऊपरी सीमा को लेकर पूछे गए एक सवाल पर ओबामा ने कहा, "यह ऐसा मामला है जिसके साथ हम खिलवाड़ नहीं कर सकते।" ओबामा ने कहा कि यदि कांग्रेस ऐसा करने में विफल रहती है तो राजकोष खाली हो जाएगा। वह बिलों का भुगतान नहीं कर सकेगा और इससे दुनिया के पूंजी बाजार पर असर पड़ेगा, क्योंकि अमेरिका की साख को लेकर दुनिया के विश्वास का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। ओबामा ने कहा, "और इस तरह हमारी साख गिर जाएगी और ब्याज दरों में अचानक उछाल आएगा और यह सब एक नई मंदी या बेहद खराब स्थिति को जन्म देंगे।" दरअसल, अमेरिका की दोनों पार्टियों डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन के कांग्रेस सदस्य एक ऐसी योजना पर बातचीत कर रहे हैं जिसके तहत बजट घाटा कम किए जाने की स्थिति में कर्ज की सीमा बढ़ाए जाने का प्रस्ताव है। ओबामा ने कहा कि बजट घाटे में कमी लाने से खर्च में कमी आएगी लेकिन राजस्व बढ़ेगा। उनके इस प्रस्ताव को कई रिपब्लिकन सांसदों ने खारिज कर दिया है। उच्च आय वालों पर सीमित कर लगाने के एक प्रस्ताव के बारे में पूछे गए सवाल पर ओबामा ने कहा, "मैं सोचता हूं कि हमारे लिए यह कहना कि करोड़पतियों और अरबपतियों पर राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के वक्त के समान कर लग सकता है, ठीक होगा।" उन्होंने कहा कि वर्तमान में वर्ष 1950 के दशक के बाद का सबसे कम कर दर लागू है। ओबामा ने कहा कि धनी लोगों को कर में राहत देकर वह आवश्यक स्वस्थ्य और शिक्षा कार्यक्रमों में कटौती के पक्ष में नहीं है।


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