यह ख़बर 30 जुलाई, 2011 को प्रकाशित हुई थी

भारत, चीन गैस कीमत में वृद्धि के लिए जिम्मेदार : ओबामा

खास बातें

  • अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा ने गैस कीमतों में हो रही वृद्धि के लिए भारत और चीन जैसे देशों में पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ रही मांग को जिम्मेदार ठहराया है।
वाशिंगटन:

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने गैस की कीमतों में हो रही वृद्धि के लिए भारत और चीन जैसे देशों में पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ रही मांग को जिम्मेदार ठहराया है। इसके साथ ही ओबामा ने 2025 तक अमेरिकी वाहनों की ईंधन दक्षता बढ़ाकर 54.5 मील प्रति गैलन करने की एक योजना की घोषणा भी की। ओबामा ने 2017 में शुरू हो रही नई ऑटो ईंधन-अर्थव्यवस्था के मानकों की घोषणा करने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में शुक्रवार को ऑटो उद्योग के कार्यकारियों से कहा, पिछले कुछ महीनों से गैस की कीमतें आम जनता के लिए मुश्किलें खड़ी कर रही हैं। ओबामा ने कहा, दशकों से हमारी अर्थव्यवस्था में गैस की कीमत बढ़ रही है। चूंकि भारत और चीन जैसे देशों में तेल की मांग बढ़ रही है, लिहाजा स्थिति और बदतर ही होती जा रही है। ओबामा ने कहा, तेल की मांग आपूर्ति से कई गुना तेजी से बढ़ रही है। इसका सीधा अर्थ यह होता है कि जबतक हम तेल के मामले में आत्मनिर्भर बनने के लिए कुछ नहीं करते, कीमतें बढ़ती जाएंगी। यह वास्तविकता है। नया समझौता, सरकार और कार कम्पनियों के बीच दो वर्ष पहले हुए एक समझौते पर आधारित है, जिसमें कारों और हल्के ट्रकों का गैस माइलेज, आदर्श वर्ष 2012-2016 से बढ़ाने का प्रावधान शामिल है। इस योजना को फोर्ड, जीएम, क्रिसलर, बीएमडब्ल्यू, होंडा, हुंडई, जगुआर/लैंड रोवर, कीया, माजदा, मित्सुबिशी, निसान, टोयटा और वाल्वो का समर्थन प्राप्त है। व्हाइट हाउस के अनुसार, अमेरिकी में बिकने वाले कुल वाहनों में 90 प्रतिशत से अधिक वाहन इन्हीं कम्पनियों के हैं। ओबामा ने कहा, ईंधन मानकों पर यह समझौता, विदेशी तेल पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए किसी देश द्वारा उठाया गया अबतक का यह अकेला सबसे महत्वपूर्ण कदम है। शुक्रवार की घोषणा, अगले पांच वर्षों में ईंधन दक्षता बढ़ाने के लिए ऑटो उद्योग के साथ 2009 में हुए समझौते को विस्तारित करता है।


Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com