यह ख़बर 28 जुलाई, 2011 को प्रकाशित हुई थी

प्राधिकरण के पास मुआवजा बढ़ाने का अधिकार नहीं

खास बातें

  • ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने कहा कि उसके पास भूमि का मुआवजा बढ़ाने का कोई अधिकार नहीं है।
ग्रेटर नोएडा:

जमीन अधिग्रहण को लेकर जारी विवाद के बीच ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने कहा कि उसके पास भूमि का मुआवजा बढ़ाने का कोई अधिकार नहीं है। अगर किसान प्रस्ताव देते हैं तो वह इसे मंजूरी के लिए राज्य सरकार को भेजेगा। प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रमण सिंह ने संवाददाताओं से कहा, इस बारे में राज्य सरकार को निर्णय करना होगा। अगर किसान राशि का जिक्र करते हुए ठोस प्रस्ताव देते हैं तो हम उसे मंजूरी के लिए राज्य सरकार को भेजेंगे। कम मुआवजे की किसानों की शिकायत के संदर्भ में सिंह ने कहा, ग्रेटर नोएडा जमीन मुआवजा दर देश में सबसे बेहतर है। हालांकि मुद्रास्फीति तथा कीमत बढ़ने के कारण यह मुआवजा अब कम दिखने लगा है। किसी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि कुछ लोग जमीन अधिग्रहण मुद्दे पर राजनीतिक लाभ ले रहे हैं। उन्होंने कहा, हमें उम्मीद है कि किसानों के साथ बातचीत फलदायी रहेगी। हमने पटवारी से प्रक्रिया शुरू कर दी है। बाद में अन्य गांवों को भी शामिल किया जाएगा। आबादी वाली जमीन प्राधिकरण द्वारा लिए जाने के किसानों के आरोप के बारे में सिंह ने कहा, अदालत का 90 प्रतिशत मामला आबादी वाली जमीन से जुड़ा है। हम आबादी वाली जमीन मामलों के बैक-लीज को सरल बनाने की योजना बना रहे हैं। औद्योगिक इकाइयों के लिए ली गई जमीन पर रिहायशी परिसर स्थापित किए जाने के आरोप पर सिंह ने कहा, नियोजित औद्योगिक विकास में रिहायशी और वाणिज्यिक गतिविधियां दोनों शामिल हैं।


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