अब टैक्सी चलाने के लिए कमर्शियल लाइसेंस की जरूरत नहीं होगी.
खास बातें
- कमर्शियल लाइसेंस बनाने की फीस भी ज्यादा है
- इसकी प्रक्रिया भी काफी जटिल
- अब बिना इसके चलाए जा सकेंगे कई वाहन.
नई दिल्ली: केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने दिल्ली समेत सभी राज्यों के परिवहन प्राधिकरणों को कहा है कि टैक्सी, ई-रिक्शा या हल्के गुड्स व्हीकल चलाने के लिए अब कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस की जरूरत नहीं होगी. यानी लाइट मोटर व्हीकल (एलएमवी) का लाइसेंस धारक ये वाहन चला सकेगा. केंद्र सरकार की ओर से इस व्यवस्था को लागू करने का आदेश दिया गया है. मंत्रालय की ओर से आदेश में सेंट्रल मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के सेक्शन 2(21) का हवाला दिया गया है.
दिल्ली समेत सभी राज्यों को जारी आदेश में कहा गया है कि निजी लाइट मोटर व्हीकल ड्राइविंग लाइसेंसधारी 7500 किलोग्राम तक के वजन वाले सभी व्यावसायिक वाहन चला सकते हैं. उन्हें उसके लिए अलग से किसी भी तरह के लाइसेंस बनाने की जरूरत नहीं है. राज्यों को कहा गया है कि परिवहन विभाग आरटीओ ऑफिस के साथ इनफोर्समेंट टीम को भी इसकी जानकारी दे. इसे जल्द से जल्द लागू कराने की जाए.
अभी किसी भी तरह के पैसैंजर्स व्हीकल हो या फिर हल्के व भारी व्यावसायिक वाहन, उसे चलाने के लिए कार्मिशियल डीएल की जरूरत होती है.