प्रति सदस्य 5,000 रुपये तक के मासिक शुल्क पर RWA को नहीं देना होगा GST

आरडब्ल्यूए को तभी जीएसटी देना होगा जबकि उसके द्वारा प्रत्येक सदस्य से 5,000 रुपये से अधिक का मासिक शुल्क लिया जा रहा है

प्रति सदस्य 5,000 रुपये तक के मासिक शुल्क पर RWA को नहीं देना होगा GST

प्रति सदस्य 5,000 रुपये तक के मासिक शुल्क पर RWA को नहीं देना होगा GST- प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली:

आवासीय सोसायटियों की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (आरडब्ल्यूए) द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाएं माल एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था में महंगी नहीं होंगी. वित्त मंत्रालय ने इसको लेकर स्थिति साफ की.

आरडब्ल्यूए को तभी जीएसटी देना होगा जबकि उसके द्वारा प्रत्येक सदस्य से 5,000 रुपये से अधिक का मासिक शुल्क लिया जा रहा है और सेवाओं तथा वस्तुओं की आपूर्ति के जरिये उसका सालाना कारोबार 20 लाख रुपये से अधिक बैठता है. जीएसटी में 20 लाख रुपये तक के कारोबार को छूट मिली हुई है.

वित्त मंत्रालय ने कहा है कि यदि प्रति सदस्य मासिक शुल्क 5,000 रुपये से अधिक है, लेकिन एक वित्त वर्ष में आरडब्ल्यूए का कारोबार 20 लाख रुपये तक का ही है, तो इस तरह की आपूर्ति पर भी जीएसटी की छूट होगी. हालांकि, यदि आरडब्ल्यूए द्वारा सालाना 20 लाख रुपये से अधिक की वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति की जाती है तो उस पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा.

वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की खबरों का कोई आधार नहीं है कि जीएसटी में आरडब्ल्यूए द्वारा दी जाने वाली सेवाएं महंगी हो जाएंगी.


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