Click to Expand & Play
खास बातें
- कोयला आवंटन की गुम फाइलों पर राज्यसभा में श्रीप्रकाश जायसवाल ने कहा कि अगर दोषी साबित हुआ तो कोई भी सजा भुगतने को तैयार हूं।
नई दिल्ली: सरकार की कोशिश के बावजूद आज लोकसभा में खाद्य सुरक्षा बिल पर बहस नहीं हो सकी। इसके लिए प्रश्नकाल टालने की बात भी थी, लेकिन विपक्ष के हंगामे के बाद लोकसभा गुरुवार तक स्थगित हो गई है। बुधवार को रक्षाबंधन की छुट्टी है। अब सरकार गुरुवार को फिर खाद्य सुरक्षा बिल पर बहस कराने की कोशिश करेगी।
लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा, कोयला ब्लाक आवंटन का मामला हर बार नया आयाम लेकर आता है। पिछले बार जब यह मामला सामने आया था, तब उच्चतम न्यायालय के समक्ष पेश रिपोर्ट में फेरबदल हुआ था। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि सीबीआई को सभी फाइलें दी जाएं और अब यह बात सामने आई है कि इससे जुड़ी कई फाइलें गुम हैं।
सुषमा ने कहा कि इस मामले में संबंधित व्यक्ति कौन है? चूंकि प्रधानमंत्री के पास कोयला मंत्रालय रहा था, इसलिए संबंधित व्यक्ति प्रधानमंत्री हैं। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी पूर्व में इस बारे में सदन को आश्वस्त कर चुके हैं। लेकिन फाइलें गायब हैं।
विपक्ष की नेता ने कहा, आप (मीरा कुमार) सरकार को निर्देशित करें कि प्रधानमंत्री स्वयं सदन में आएं और बताएं कि कोयला ब्लाक की फाइलें कहां और कैसे गायब हुई और कैसे वापस आएंगी। उन्होंने कहा कि 147 फाइलें गायब हुई है जिसमें आवेदन और सिफारिशें है और इनसें कोई न कोई कांग्रेस का नेता जुड़ा हुआ है।
वहीं सरकार आज पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती के मौके पर लोकसभा में खाद्य सुरक्षा बिल को लेकर बहस करवाना चाहती थी।
इस मुद्दे पर कोयलामंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने बयान दे दिया है। दरअसल, सुबह से ही बीजेपी इस मुद्दे पर पीएम से सफाई देने की मांग पर अड़ी है, लेकिन दो बार के स्थगन के बाद आखिरकार कोयला मंत्री ने अपनी सफाई दी। अपने बयान के दौरान उन्होंने कहा कि अगर मैं इस मामले में दोषी साबित हुआ तो सजा के लिए तैयार हूं।
उधर, सरकार की कोशिश आज लोकसभा में खाद्य सुरक्षा बिल पर बहस कराने की थी। इसके लिए प्रश्नकाल टालने की बात भी थी, लेकिन विपक्ष के हंगामे से बहस अब तक शुरू नहीं हो पाई है। बीजेपी ने आज तीन मुद्दों पर प्रश्नकाल टालने का अलग से नोटिस दे डाला। उसका कहना है कि पहले रुपये की गिरती हालत, 84 कोसी यात्रा की इजाजत न मिलने और कोयला घोटाले से जुड़ी फाइलें गायब होने पर चर्चा हो। इसी के चक्कर में फूड बिल पर बहस नहीं हो पाई।
इधर, बीजेपी का मानना है कि वर्तमान आर्थिक हालात में भारतीय अर्थव्यवस्था खाद्य सुरक्षा बिल का बोझ नहीं सह पाएगी, जबकि बीएसपी सैद्धांतिक रूप से खाद्य बिल के समर्थन में नजर आ रही है। मायावती का मानना है कि इस बिल में जरूरतमंदों को और अधिक अनाज मुहैया कराए जाने का प्रावधान होना चाहिए।
(इनपुट्स भाषा से भी)