वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण.
जयपुर: बजट पेश करने के बाद वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने जयपुर में कई एक कार्यक्रम में शामिल हुईं और मौजूद लोगों के सवालों का जवाब दिया. लोगों ने महंगाई और ऊंची ब्याज दरों पर सवाल किया और निर्मला सीतारमण ने जवाब दिया. उन्होंने कहा कि आरबीआई भारतीय अर्थव्यवस्था पर नजर बनाए हुए है और जब जैसी जरूरत होती है उस प्रकार का कदम उठा रही है. उन्होंने कहा कि हम में से कोई भी यह नहीं चाहता है कि महंगाई पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर हो जाए.
वित्तमंत्री ने कहा कि आरबीआई का काम है कि वह महंगाई को नियंत्रित रखे और एफआरबीएम एक्ट के अनुसार उसकी दरों को सीमा के भीतर ही रखे. वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आरबीआई इस में पूरी तरह से लगी हुई है और आरबीआई कैपिटल के ग्लोबल मूवमेंट पर नजर बनाए हुए है. हमारी जरूरतों के हिसाब से इस पूरे सिस्टम पर काम किया जा रहा है.
वित्तमंत्री ने कहा कि हम किसानों को दाल उत्पादन के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं. योजनाएं चलाई जा रही है. दालों के दामों को नियंत्रित करने के लिए आयात शुल्क घटा दिया गया है. खाने के तेल के आयात को लगभग बिना शुल्क के कर दिया गया है. कोरोना से आरंभ हुए मुफ्त में अनाज की योजना का लाभ देश की 80 करोड़ जनसंख्या को दिया जा रहा है.
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने राजनीतिकरण की वजह से देश को आगे बढ़ने से रोकने वाले तंत्र को अपनाया क्योंकि उन्हे देश की चिंता नहीं है. उन्हें केवल उनके परिवार, कुनबा और उनकी पार्टी के भलाई की चिंता है. सालों तक गुजरात के लोग पानी को तरसते रहे लेकिन कांग्रेस ने परवाह नहीं की.
वित्तमंत्री ने बजट के बाद हितधारकों के इस कार्यक्रम में कहा कि यदि राज्य की वित्तीय स्थिति अच्छी है और वह अपने बजट से किसी भी योजना को फंड करने के लिए तत्पर हैं तब कोई समस्या नहीं है. लेकिन यदि स्थिति अच्छी नहीं है और योजना का भार किसी और पर डालना चाहते हैं तब दिक्कत है.