खास बातें
- इंफोसिस के अध्यक्ष एनआर नारायणमूर्ति ने प्रधानमंत्री और शीर्ष अदालतों के न्यायाधीशों को लोकपाल के दायरे में लाने का समर्थन किया।
बेंगलुरू: इंफोसिस के अध्यक्ष एनआर नारायणमूर्ति ने शनिवार शाम को प्रधानमंत्री और शीर्ष अदालतों के न्यायाधीशों को लोकपाल के दायरे में लाने का समर्थन किया। मूर्ति ने आखिरी बार सॉफ्टवेयर कम्पनी इंफोसिस की 30वीं आम बैठक में हिस्सा लेने के बाद संवाददाताओं से कहा, "मनमोहन सिंह के एक असाधारण व्यक्ति होने के नाते मुझे इसमें कोई शक नहीं है कि वह स्वयं ही सबसे पहले खुद को लोकपाल के दायरे में लाए जाने के लिए कहेंगे।" भ्रष्टाचार के विरोध में अन्ना हजारे के जनांदोलन का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़कों पर उतरने में कुछ भी बुरा नहीं है। मूर्ति ने कहा कि हमें एक ऐसी व्यवस्था बनानी होगी, जिसमें हर व्यक्ति कानून के प्रति जवाबदेह हो। अन्ना हजारे के आंदोलन को समर्थन देने के बारे में पूछे गए सवाल पर मूर्ति ने कहा, "मैं सोचता हूं कि लोकतंत्र में बहुलवाद जरूरी है। यही लोकतंत्र को मजबूत बनाता है। मैं नहीं सोचता कि भ्रष्टाचार खत्म करने के आंदोलन का कोई समर्थन नहीं करेगा।" लोकपाल विधेयक तैयार करने के लिए जारी प्रयासों का समर्थन करते हुए मूर्ति ने कहा कि सरकार अन्ना हजारे और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को मसौदा समिति में शामिल कर एक सख्त लोकपाल बनाने की दिशा में अपनी सक्रियता दिखाई है। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ लोगों के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि एक सामान्य नागरिक के रूप में मैं हमेशा जो कुछ कर सकता हूं उसे करने के लिए मौजूद रहूंगा। मूर्ति ने हालांकि भ्रष्टाचार के खिलाफ अनशन कर रहे योग गुरु बाबा रामदेव से जुड़े सवालों को टालते हुए कहा कि वह बहुत अच्छी तरह से योग गुरु को नहीं जानते। इसलिए वह भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ उनके आंदोलन को लेकर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते।