मुकेश अंबानी की संपत्ति बढ़कर 22.7 अरब डॉलर हुई, एक देश की जीडीपी के बराबर : फोर्ब्‍स

मुकेश अंबानी की संपत्ति बढ़कर 22.7 अरब डॉलर हुई, एक देश की जीडीपी के बराबर : फोर्ब्‍स

मुकेश अंबानी (फाइल फोटो)

खास बातें

  • सन फार्मा के दिलीप सांघवी दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति हैं
  • हिंदुजा परिवार 15.2 अरब डॉलर की परिसंपत्तियों के साथ तीसरे स्थान पर है
  • विप्रो के अजीम प्रेमजी देश के चौथे सबसे धनी व्यक्ति हैं
नई दिल्‍ली:

उद्योगपति मुकेश अंबानी लगातार नौंवे साल देश के सबसे अमीर व्यक्ति का तमगा हासिल करने में सफल रहे हैं. फोर्ब्‍स इंडिया के अनुसार अंबानी की कुल संपत्ति तेजी से बढ़ती हुई 22.7 अरब डॉलर पर पहुंच गई. इस तरह अंबानी की परिसंपत्तियां एस्टोनिया की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के बराबर हो गई.

इसी तरह फोर्ब्‍स की सूची में विप्रो के अजीम प्रेमजी देश के चौथे सबसे धनी व्यक्ति हैं. उनकी संपत्ति 15 अरब डॉलर है जो मोजाम्बिक के 14.7 अरब डॉलर के जीडीपी से अधिक है. इस सूची के अनुसार सन फार्मा के दिलीप सांघवी 16.9 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति हैं.

भारत के 100 सबसे धनी लोगों की वाषिर्क सूची में हिंदुजा परिवार 15.2 अरब डॉलर की परिसंपत्तियों के साथ तीसरे स्थान पर है. पल्लोनजी मिस्त्री की परिसंपत्तियां 13.90 अरब डॉलर रही और वह सूची में पांचवें स्थान पर हैं. फोर्ब्‍स पत्रिका के अनुसार देश के शीर्ष पांच अरबपतियों की कुल परिसंपत्तियां 83.7 अरब डॉलर हैं जो कि मंगल पर भेजे गए यान ‘मंगलयान’ की लागत से अधिक है. इसी तरह यह रियो ओलंपिक 2016 के आयोजन पर आई लागत से 18 गुना ज्यादा है.

फोर्ब्‍स ने कहा कि इसमें से ज्यादातर संपत्तियों का सृजन सूची में शीर्ष में शामिल लोगों ने किया है. फोर्ब्‍स के अनुसार यदि सूची में 80-20 नियम को लागू किया जाता है तो इससे पता चलता है कि शीर्ष धनाढ्यों का कुल परिसंपत्तियों में हिस्सा कम हुआ है. इस 80-20 नियम से तात्पर्य है कि सूची के शीर्ष 20 अरबपतियों के पास 80 प्रतिशत संपत्ति है.

हालांकि, शीर्ष 20 अरबपतियों के पास 2009 में कुल की 70 प्रतिशत परिसंपत्तियां थीं, जो 2016 में घटकर 52 प्रतिशत रह गई हैं. इससे पता चलता है कि शीर्ष 20 में निचले स्तर पर शामिल लोगों की परिसंपत्तियों में कमी आई है. सूची के अनुसार शीर्ष 100 अरबपतियों की परिसंपत्तियों का कुल मूल्य 10 प्रतिशत बढ़कर 381 अरब डॉलर हो गया है, जो 2015 में 345 अरब डॉलर था.

वर्ष 2014 से सभी धनी भारतीय अरबपति की श्रेणी में आते हैं, जबकि पूर्व में इनमें से कुछ करोड़पति की श्रेणी में थे. इस बार 100 भारतीयों की सूची में सबसे कम परिसपंत्तियां 1.25 अरब डॉलर रही हैं जो पिछले साल 1.1 अरब डॉलर थी. एक और खास बात यह है कि 2015 की सूची में शीर्ष 10 अरबपति इस बार भी पहले दस में हैं. हालांकि, इनमें से कुछ की रैंकिंग ऊपर नीचे हुई है.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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