खास बातें
- मूडीज ने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी से तेल कंपनियां प्रभावित होंगी और घरेलू कंपनियों को विदेशी ऋण के लिए ज्यादा ब्याज चुकाना पड़ेगा।
नई दिल्ली: वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज ने गुरुवार को कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी से तेल कंपनियां प्रभावित होंगी और घरेलू कंपनियों को विदेशी ऋण के लिए ज्यादा ब्याज चुकाना पड़ेगा। मूडीज निवेशक सेवा रपट में कहा गया भारतीय रुपये में तेज गिरावट से साख निर्धारण प्राप्त भारतीय कंपनियां प्रभावित हो रही हैं और देश की सबसे बड़ी तेल शोधक और विपणन कंपनी इंडियन आयल कापरेरेशन को सबसे बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। रपट में कहा गया कि जहां तक निजी क्षेत्र की तेल शोधक कंपनियों का सवाल है तो वे रुपये में गिरावट से लाभप्रद स्थिति में है क्योंकि ये कंपनियां आयात के समतुल्य अपने शोधित उत्पादों की बिक्री करती हैं। रपट के मुताबिक भारत में बेचे जाने वाले रिलायंस के उत्पाद को अंतरराष्ट्रीय मूल्यांकन से जोड़ने से कुल आयात का जो असर होता है उसकी भरपाई हो जाती है। विदेशी निवेशकों द्वारा पूंजी की लगातार निकासी और अन्य प्रतिस्पर्धी मुद्रा विशेष तौर पर यूरो के मुकाबले डालर की मजबूती के बीच रुपया आज के कारोबार में 54 के पार पहुंच गया। रपट में कहा गया कि कुछ हद तक रुपये में कमजोरी से टाटा समूह की उन विनिर्माण कंपनियों पर भी असर होगा जिनका विदेशी परिचालन ज्यादा है। मूडीज ने कही कि रुपये में गिरावट से कंपनियों द्वारा विदेशी मुद्रा में लिए गए रिण के लिए ज्यादा ब्याज चुकाना होगा।