खास बातें
- चौतरफा आलोचनाओं में घिरे संकट से जूझ रहे किंगफिशर एयरलाइन के मालिक विजय माल्या को कॉरपोरेट कार्य मंत्री वीरप्पा मोइली से उस समय सहारा मिला जब मोइली खुलकर उनके समर्थन में आगे आ गए।
नई दिल्ली: चौतरफा आलोचनाओं में घिरे संकट से जूझ रहे किंगफिशर एयरलाइन के मालिक विजय माल्या को कॉरपोरेट कार्य मंत्री वीरप्पा मोइली से उस समय सहारा मिला जब मोइली खुलकर उनके समर्थन में आगे आ गए। उन्होंने कहा, ‘इस विमानन कंपनी को बचाया जाना चाहिए।’
एसोसिएटिड चैंबर्स ऑफ कामर्स एण्ड इंडस्ट्रीज की 91वीं सालाना आम बैठक को संबोधित करने के बाद मोइली ने अलग से संवाददाताओं से कहा कि माल्या उनसे दो बार मिल चुके हैं। माल्या और मोइली दोनों ही कर्नाटक से हैं। उन्होंने कहा कि माल्या को ऐसी कोई रणनीति बनानी चाहिए जो कि वित्त मंत्रालय को स्वीकार्य हो।
मोइली ने कहा, ‘हां... क्यों नहीं वह (माल्या) मुझ से मिले हैं क्योंकि वह कर्नाटक से हैं। किंगफिशर को बचाया जाना चाहिए। माल्या को ऐसी कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए जो कि वित्त मंत्रालय और कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय को स्वीकार्य हो। उनकी विमानन कंपनी ने अच्छी सेवाए दी हैं। मैं उसकी बेहतरी चाहता हूं।’
किंगफिशर एयरलाइंस पर 7,057.08 करोड़ रुपये का बकाया है। कंपनी ने उसे कर्ज देने वाले बैंकों के समूह से आग्रह किया है कि उसे 200 से 300 करोड़ रुपये की कार्यशील पूंजी का समर्थन दिया जाना चाहिए।