खास बातें
- यह सप्ताह कंपनी नतीजों के लिहाज से महत्वपूर्ण है और बुधवार को इंफोसिस के वित्तीय तिमाही नतीजों के साथ इसकी शुरुआत हो जाएगी।
New Delhi: यह सप्ताह कंपनी नतीजों के लिहाज से महत्वपूर्ण है और बुधवार को इंफोसिस के वित्तीय तिमाही नतीजों के साथ इसकी शुरुआत हो जाएगी। हालांकि तिमाही नतीजों का शेयर बाजार पर मामूली असर रहेगा और शेयर बाजार की चाल तय करने में वैश्विक रुख की भूमिका बरकरार रहेगी। यूनिकॉन फाइनेंशियल सॉल्यूशंस के सीईओ गजेन्द्र नागपाल ने कहा कि इस सप्ताह तिमाही नतीजे आने शुरू हो जाएंगे, लेकिन इससे बहुत उम्मीद नहीं है, क्योंकि कारोबारी धारणा बहुत उत्साहजनक नहीं रही है। उन्होंने कहा कि वैश्विक तस्वीर भी फिलहाल धुंधली है और सोमवार को बाजार मामूली गिरावट के साथ खुल सकता है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू शेयर बाजार अमेरिका और यूरोप से दिशा लेंगे। कंपनियों के तिमाही नतीजों के अलावा, अगस्त के लिए आईआईपी आंकड़ों पर भी बाजार की पैनी नजर होगी। आशिका स्टॉक ब्रोकर्स के अनुसंधान प्रमुख पारस बोथरा ने कहा कि इस समय बाजार की धारणा बहुत नाजुक है और इस सप्ताह बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, रुपये में गिरावट को देखते हुए इंफोसिस के नतीजे बेहतर रहने की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह के अंतिम कारोबारी सत्र में भले ही बीएसई सेंसेक्स ने 440 अंक का उछाल दर्ज किया, लेकिन शुक्रवार को समाप्त हुए सप्ताह में सेंसेक्स 221 अंक के नुकसान के साथ 16,232.54 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी सप्ताह के दौरान 55.20 अंक या 1.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,888.05 अंक पर बंद हुआ। बाजार पर यूरो जोन के ऋण संकट के अलावा मूडीज द्वारा एसबीआई की रेटिंग घटाए जाने का व्यापक असर पड़ा। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 55.20 अंक के नुकसान के साथ 4,888.05 अंक पर बंद हुआ। सप्ताह के दौरान, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने करीब 2,226 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की बिकवाली की। वैश्विक मोर्चे पर भले ही सितंबर के दौरान अमेरिका में एक लाख से अधिक रोजगार का सृजन हुआ, लेकिन बेरोजगारी की दर 9.1 प्रतिशत बनी रही। इसके अलावा, मूडीज ने आरबीएस और लायड्स टीएसबी सहित ब्रिटेन के एक दर्जन बैंकों की रेटिंग घटा दी।