यह ख़बर 24 जुलाई, 2011 को प्रकाशित हुई थी

मौद्रिक नीति से तय होगी शेयर बाजार की दिशा

खास बातें

  • बाजार का रुख बहुत हद तक 26 जुलाई को पेश होने वाली मौद्रिक नीति की समीक्षा और रिलायंस इंडस्ट्रीज के नतीजों पर निर्भर करेगा।
New Delhi:

वैश्विक बाजार में तेजी बनी रहती है, तो इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजारों में बढ़त दर्ज होने की संभावना है। हालांकि बाजार का रुख बहुत हद तक भारतीय रिजर्व बैंक की 26 जुलाई को पेश होने वाली मौद्रिक नीति की समीक्षा और जुलाई के वायदा और विकल्प अनुबंध की समाप्ति तथा रिलायंस इंडस्ट्रीज के नतीजों पर निर्भर करेगा। फीकी शुरुआत के बाद सप्ताहांत में शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली और सभी सूचकांकों में लगभग एक प्रतिशत की बढ़त रही। बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों पर आधारित सेंसेक्स सप्ताहांत में 160.38 अंक अथवा 0.86 प्रतिशत की तेजी के साथ 18,722.30 अंक पर बंद हुआ। मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज के सहायक उपाध्यक्ष पराग डॉक्टर ने कहा, हमें बाजार में तेजी जारी रहने की उम्मीद है। बाजार के रुख के लिए रिजर्व बैंक की मौद्रिक एवं ऋण नीति एक निर्धारक तत्व साबित होगा। जो सकारात्मक तत्व बाजार में तेजी ला सकते हैं, उनमें वैश्विक बाजार में सुधार आना, खाद्य मुद्रास्फीति का कम होना और उम्मीद से बेहतर मॉनसून हो सकते हैं। हालांकि विशेषज्ञों ने कहा कि कच्चे तेल की अधिक कीमत को लेकर बाजार में चिंता बरकरार है। आईआईएफएल के शोध प्रमुख अमर अंबानी ने कहा, रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति की समीक्षा तथा वायदा एवं विकल्प की समयसीमा की समाप्ति होने के कारण कारोबार की स्थिति दिलचस्प बनी रहेगी। कई सारे वैश्विक आर्थिक आंकड़े भी इसी सप्ताह आने हैं। कुल मिलाकर इस सप्ताह कारोबारी गतिविधियों में हलचल रहेगी। यूनान और अन्य यूरोपीय राष्ट्रों को ऋण संकट से निजात पाने के लिए दिए गए राहत पैकेज जैसी सकारात्मक खबरों के कारण वैश्विक बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली। पिछले सप्ताह खाद्य मुद्रास्फीति के घटकर 7.58 प्रतिशत रहने और सामान्य से अधिक मॉनसून से बाजार धारणा में तेजी रही। कंपनियों के तिमाही नतीजे मिलेजुले थे, जहां एक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक के पहली तिमाही के परिणाम बेहतर रहे, वहीं विप्रो के परिणाम निराशाजनक साबित हुए। बोनान्जा पोर्टफोलियो के वरिष्ठ शोध विश्लेषक शानू गोयल ने कहा, सोमवार को सूचकांक आधारित महत्वपूर्ण कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज और एनटीपीसी के नतीजे आने हैं। रिलायंस के नतीजे बाजार का रुख प्रभावित कर सकते हैं। विशेषज्ञों ने कहा कि 26 जुलाई को रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में और चौथाई प्रतिशत की वृद्धि किए जाने की संभावना है। उन्होंने कहा कि बाजार पहले से चौथाई प्रतिशत की वृद्धि के लिए तैयार है, लेकिन इससे ज्यादा बढ़ोतरी होने पर बाजार पर नकारात्मक प्रभाव हो सकता है।


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