यह ख़बर 18 अक्टूबर, 2011 को प्रकाशित हुई थी

मारुति के मानेसर संयंत्र में हड़ताल का 12वां दिन

खास बातें

  • मारुति के मानेसर संयंत्र में प्रबंधन और श्रमिकों की तरफ से हड़ताल खत्म करने के लिए ठोस पहल का कोई संकेत नहीं मिला।
नई दिल्ली:

मारुति के मानेसर संयंत्र में प्रबंधन और श्रमिकों की तरफ से हड़ताल खत्म करने के लिए ठोस पहल का कोई संकेत नहीं मिला और मंगलवार को 12वें दिन भी हड़ताल जारी रही। दोनों पक्षों के बीच सोमवार को बातचीत हुई थी, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल पाया था। मारुति सुजुकी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "मंगलवार को वार्ता एक बार फिर से शुरू हुई।" बातचीत में हरियाणा सरकार भी शामिल है। इसी बीच, मानेसर और गुड़गांव संयंत्र में कंपनी ने अस्थायी श्रमिकों की मदद से स्विफ्ट कार के मॉडल का उत्पादन शुरू कर दिया। अधिकारी ने कहा, "मानेसर संयंत्र में पिछले दिन 180 श्रमिकों के साथ काम शुरू किया गया, जिनकी संख्या मंगलवार को बढ़कर 400 हो गई। इन श्रमिकों ने हड़ताल में हिस्सा नहीं लिया था।" मानेसर संयंत्र में रोजाना 1,200 कारों का निर्माण होता है। हड़ताल के कारण औसतन 2800 वाहनों का उत्पादन करने वाले गुड़गांव संयंत्र में मंगलवार को 1750 वाहनों को उत्पादन ही हो सका। फैक्ट्री को शुक्रवार और शनिवार को बंद करना पड़ा था क्योंकि इसकी आपूर्तिकर्ता कम्पनी सुजुकी पावरट्रेन इंडिया लिमिटेड के श्रमिकों ने मानेसर संयंत्र के श्रमिकों की हड़ताल के समर्थन में हड़ताल कर दी थी। इसके बाद वहां आंशिक रूप से काम शुरू हो चुका है। कम्पनी ने एक बयान जारी कर कहा कि मानेसर और गुड़गांव संयंत्र में मंगलवार को कुल 480 स्विफ्ट कारों का उत्पादन हो सका। देश भर में एक लाख से अधिक ग्राहकों ने इस कार के लिए बुकिंग की है। इस बीच सुजुकी की दो दुपहिया निर्माता कम्पनियां बंद रहीं, जिनके श्रमिकों ने मानेसर संयंत्र के श्रमिकों की हड़ताल के समर्थन में हड़ताल कर रखा है। बर्खास्त किए गए 44 सहकर्मियों की बहाली की मांग को लेकर मानेसर संयंत्र के श्रमिक 7 अक्टूबर को हड़ताल पर चले गये थे। बर्खास्त श्रमिकों को इसी महीने की एक तारीख को खत्म हुए 33 दिनों के गतिरोध के बाद बहाल नहीं किया गया है। श्रमिकों की समस्या और दूसरी वाहन निर्माता कम्पनियों से मिल रही चुनौती के कारण मारुति के शेयर पिछले सप्ताह लगातार गिरावट के बाद साल भर के निचले स्तर पर चले गए थे।


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