यह ख़बर 15 अक्टूबर, 2011 को प्रकाशित हुई थी

मारुति हड़ताल समाप्त करवाने के लिए सोमवार को वार्ता

खास बातें

  • मारुति के मानेसर संयंत्र से बाहर किए जाने के बाद कम्पनी के कामगारों ने कहा कि नौ दिन से जारी हड़ताल समाप्त करने के लिए सोमवार से वार्ता शुरू होगी।
नई दिल्ली/मानेसर:

मारुति सुजुकी के मानेसर संयंत्र से बाहर किए जाने के बाद कम्पनी के हड़ताली कामगारों ने शनिवार को कहा कि नौ दिन से जारी हड़ताल समाप्त करने के लिए सोमवार से वार्ता शुरू होगी। हड़ताली कामगारों के नेता सोनू गुर्जर ने आईएएनएस से कहा, "प्रबंधन और प्रशासन के वादे के मुताबिक वार्ता सोमवार से शुरू होगी।" गुर्जर के मुताबिक वार्ता के शुरू होने तक ये हड़ताली कामगार फैक्ट्री के बाहर जमा रहेंगे। हड़ताली कामगारों को सुजुकी पावरट्रेन इंडिया लिमिटेड (एसपीआईएल) के कामगारों का भी समर्थन हासिल है। गुर्जर ने कहा, "दोनों कम्पनियों के 300 से अधिक कामगार यहां जमा हैं। जब तक हमारी उचित मांग पर कोई ठोस नतीजा हासिल नहीं होता, हम यहीं जमे रहेंगे।" इससे पहले पिछले कुछ दिनों से हड़ताल कर रहे सुजुकी पावर ट्रेन इंडिया लिमिटेड के कर्मचारियों से संयंत्र परिसर को खाली करा लिया गया है। ये कर्मचारी मारुति के मानेसर संयंत्र के हड़ताली कर्मचारियों के समर्थन में हड़ताल पर थे। कम्पनी के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "पावर ट्रेन संयंत्र को कर्मचारियों से खाली करा लिया गया है।" पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश पर मानेसर संयंत्र को कर्मचारियों द्वारा खाली करने के एक दिन बाद श्रमिकों ने यह कदम उठाया। परिसर में कब्जा जमाए हड़ताली कर्मचारियों के नेता सोनू गुर्जर ने कहा, "हम रात 10.30 बजे बाहर निकलने पर राजी हो गए। यह निर्णय उच्च न्यायालय के निर्देश पर लिया गया है। हमारी हड़ताल जारी रहेगी और हमारी मांगें जायज हैं। हम संयंत्र से 100 मीटर दूर बैठेंगे।" मानेसर संयंत्र के कर्मचारी 44 साथियों की पुर्नबहाली की मांग को लेकर सात अक्टूबर से धरने पर बैठे हैं। इसके बाद मारुति को डीजल इंजन की आपूर्ति करने वाली सुजुकी पॉवर ट्रेन इंडिया लिमिटेड के कर्मचारी भी हड़ताल पर चले गए। इस बीच सुजुकी मोटरसाइकिल्स लिमिटेड ने अपने 25 कर्मचारियों को सेवा से निकाल दिया। इसके बाद कम्पनी के कर्मचारियों ने भी मानेसर संयंत्र के कर्मचारियों की हड़ताल को समर्थन देते हुए हड़ताल शुरू कर दिया। मानेसर में एक हड़ताली कामगार ने कहा कि मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के इतिहास में यह पहला मौका है जब उसके दोनों संयंत्रों का उत्पादन पूरी तरह बंद है।


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