यह ख़बर 08 अक्टूबर, 2011 को प्रकाशित हुई थी

भारी गिरावट के बाद शुक्रवार को आई तेजी

खास बातें

  • बीते सप्ताह देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक की रेटिंग में कमी और यूरोप के कर्ज संकट की वजह से शेयर बाजारों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया।
मुम्बई:

बीते सप्ताह देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की रेटिंग में कमी और यूरोप के कर्ज संकट की वजह से शेयर बाजारों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स साप्ताहिक कारोबार में 221.22 अंकों की गिरावट के साथ शुक्रवार को 1632.54 पर बंद हुआ। सप्ताह के पहले दिन सोमवार को सेंसेक्स 302.31 अंकों की गिरावट के साथ 16151.45 पर जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 93.75 अंकों की गिरावट के साथ 4849.50 पर बंद हुआ था। मंगलवार को भी बाजार में गिरावट जारी रहा। सेंसेक्स 286.69 अंकों की गिरावट के साथ 15864.86 पर जबकि निफ्टी 77.35 अंकों की गिरावट के साथ 4772.15 पर पहुंच गया। बुधवार को बाजार में कुछ हद तक स्थिरता देखी गई लेकिन सेंसेक्स 72.45 अंकों की गिरावट के साथ 15792.41 पर जबकि निफ्टी 20.85 अंकों की गिरावट के साथ 4751.30 पर बंद हुआ। गुरुवार को दशहरा की छुट्टी के बाद शुक्रवार को खुले बाजार में जबर्दस्त तेजी देखी गई। अमेरिकी शेयर बाजारों में तेजी और यूरोप के कर्ज संकट के समाधान की आशा ने बाजार में निवेशकों का भरोसा मजबूत किया। इस दिन सेंसेक्स 440.13 अंकों की बढ़त के साथ 16232.54 पर जबकि निफ्टी 136.75 अंकों की बढ़त के साथ 4888.05 पर बंद हुआ। दरअसल, एसबीआई के पूंजी पैदा करने में विफल होने और परिसंपत्तियों की खराब गुणवत्ता के कारण वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज ने मंगलवार को उसकी रेटिंग 'सी-' से घटाकर 'डी+' कर दी थी। एजेंसी ने बैंक की हाइब्रिड कर्ज रेटिंग भी बीए2 से घटाकर बीए3 कर दिया था। रेटिंग में कमी के कारण देश में बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। एसबीआई के शेयर करीब आठ फीसदी तक गिर गए।


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