खास बातें
- माना जा रहा है कि वैश्विक बाजारों में तेजी से प्रभावित संस्थागत निवेशकों द्वारा की गई खरीद से सेंसेक्स में यह उछाल आया है।
नई दिल्ली: बंबई स्टॉक एक्सचेंज के संवेदी सूचकांक सेंसेक्स में बीते सप्ताह 522 अंकों की तेजी दर्ज की गई। माना जा रहा है कि वैश्विक बाजारों में तेजी से प्रभावित संस्थागत निवेशकों द्वारा की गई खरीद से सेंसेक्स में यह उछाल आया है। 30 शेयरों की कीमतों पर आधारित सेंसेक्स इस सप्ताह 18762.80 पर बंद हुआ। बीते सप्ताह की तुलना में यह 2.86 प्रतिशत की वृद्धि है। वैसे सप्ताह के अंतिम कामकाजी दिन शुक्रवार को सेंसेक्स दिन के व्यापार में 83.07 अंक गिरा। शुक्रवार से पहले के छ: सत्रों में सेंसेक्स में लगातार 1300 अंकों की वृद्धि दर्ज की गई थी। इधर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के 50 शेयरों की कीमतों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी में शुक्रवार को 0.36 प्रतिशत की गिरवाट दर्ज की गई। सप्ताह के पहले चार व्यापारिक सत्रों में निफ्टी में लगभग तीन प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। माना जा रहा है कि सरकार द्वारा डीजल, किरोसिन और रसाई गैस की कीमतों में वृद्धि के कारण तेल कम्पनियों के शेयरों की कीमतों में आई तेजी से बाजार में तेजड़िए हावी हो गए। इसके अलावा औद्योगिक विकास की सुस्त रफ्तार के बावजूद सरकार द्वारा मौजूदा वित्तीय वर्ष में 8.75 प्रतिशत की विकास दर को हासिल करने के दावे से भी बाजार को मजबूती मिली। मंहगाई के आंकड़ों ने भी बाजार में सकारात्मक माहौल बनाए रखने में मदद की। गौतलब है कि खाद्य मंहगाई की दर 18 जून को समाप्त हुए सप्ताह में 7.78 प्रतिशत थी। इससे पिछल्ले सप्ताह यह 9.13 फीसदी थी। लेकिन इन आंकड़ों से बाजार में सप्ताह के दौरान आई तेजी को वाहनों की बिक्री के प्रतिकूल आंकड़ों और मुनाफा वसूली के प्रयास में शेयरों की तेजी से बिक्री से शुक्रवार को झटका लगा। कोटक सिक्योरिटीज में वरिष्ठ उपाध्यक्ष(तकनीकी शोध) श्रीकांत चौहान के अनुसार निफ्टी के 5600 से ऊपर बंद होने से बाजार में तेजी का माहौल बना हुआ है। विश्लेषकों का मत है कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और ग्रीस के ऋण संकट के समाधान के संकेतों से भी बाजार में तेजी को बल मिला है।