यह ख़बर 14 अगस्त, 2011 को प्रकाशित हुई थी

बाजार तय करे बचत ब्याज दरें : च्रकवर्ती

खास बातें

  • च्रकवर्ती ने बचत बैंक खाते की ब्याज दर को नियंत्रण मुक्त किए जाने का समर्थन करते हुए कहा कि यह दर बाजार से जुड़ी होनी चाहिए।
कोलकाता:

रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर केसी च्रकवर्ती ने बचत बैंक खाते की ब्याज दर को नियंत्रण मुक्त किए जाने का समर्थन करते हुए शनिवार को कहा कि यह दर बाजार से जुड़ी होनी चाहिए। उन्होंने कहा, अगर अन्य सभी दरों को नियंत्रणमुक्त कर दिया गया है तो बचत दरों को भी क्यों न नियंत्रणमुक्त कर दिया जाये? सवाल सिर्फ कब और कैसे का है। इस मुद्दे पर बैंकों आदि के साथ मतभेद के सवाल पर उन्होंने कहा कि फैसला तो सभी भागीदारों की सहमति से ही किया जाएगा। सरकारी क्षेत्र के बैंकों के मंच आईबीए तथा निजी क्षेत्र के कुछ बैंकों ने हाल ही में रिजर्व बैंक को पत्र लिखकर बचत बैंक खाते की दर को नियंत्रणमुक्त किए जाने के सुझाव का विरोध किया था। उल्लेखनीय है कि यह दर आरबीआई तय करता है और फिलहाल चार प्रतिशत है। केंद्रीय बैंक ने इसको नियंत्रणमुक्त किए जाने के बारे में एक परिचर्चा पत्र पहले ही जारी कर रखा है। उन्होंने अमेरिका की वित्तीय साख घटाए जाने के साथ डालर के साथ रुपये की विनिमय दर के सवाल पर कहा कि विनिमय दर में बहुत ज्यादा उतार चढाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि रुपया कमजोर होता है तो निर्यातकों को फायदा होता है तथा रिजर्व बैंक निर्यात व आयात में कोई भेदभाव नहीं करता। रिजर्व बैंक के डिप्टी गर्वनर ने कहा कि भारतीय बाजार में इस समय उंची ब्याज दर का माहौल मुद्रास्फीति के कारण है।


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