खास बातें
- कमजोर वैश्विक रुख से शेयर बाजार में तीन दिन से जारी तेजी पर लगाम लग गई और बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 188 अंक टूटकर बंद हुआ।
मुंबई: रिजर्व बैंक की सख्त मौद्रिक नीति के बाद ब्याज दरें बढ़ने की आशंका के साथ साथ कमजोर वैश्विक रुख से शेयर बाजार में तीन दिन से जारी तेजी पर लगाम लग गई और बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 188 अंक टूटकर बंद हुआ। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में 466 अंक मजबूत होने वाला सेंसेक्स 188.48 अंक टूटकर 16,745.35 अंक पर बंद हुआ। इस दौरान, पूंजीगत सामान वाली कंपनियों और बैंकिंग शेयरों पर बिकवाली की मार सबसे अधिक पड़ी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 52.30 अंक की गिरावट के साथ 5,031.95 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह दिन के निचले स्तर 5,019.25 अंक पर आ गया था। रिजर्व बैंक ने मुद्रास्फीति पर काबू पाने की कोशिश के तहत गत शुक्रवार को रेपो और रिवर्स रेपो दरें चौथाई-चौथाई प्रतिशत बढ़ा दीं। अगस्त में सकल मुद्रास्फीति बढ़कर 9.78 प्रतिशत पर पहुंच गई। रेपो और रिवर्स रेपों दरों में वृद्धि के बाद बैंकों द्वारा विभिन्न ऋणों पर ब्याज दरें बढ़ने की आशंका बढ़ी है। ब्रोकरों ने कहा कि यूनान के लिए वित्तीय प्रोत्साहन पैकेज तय करने को लेकर यूरोपीय वित्त मंत्रियों की बैठक विफल होने का भी बाजार की धारणा पर नकारात्मक असर पड़ा। बाजार पर अन्य एशियाई बाजारों में कमजोर रुख का भी असर देखा गया। वहीं यूरोप के बाजारों के गिरावट के साथ खुलने से भी निवेशकों की धारणा कमजोर हो गई। कैपिटल गुड्स और बैंकिंग शेयरों के अलावा, दो दिग्गज कंपनियों, रिलायंस और इन्फोसिस के शेयर भाव में भी गिरावट दर्ज की गई।