वित्त मंत्री अरुण जेटली (फाइल फोटो)
मुंबई: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने माना कि कांग्रेस नेता मनमोहन सिंह ने वित्त मंत्री के रूप में शानदार काम किया था लेकिन वह यह कहने से भी नहीं चूके कि मनमोहन के प्रधानमंत्री बनने के बाद सुधारों की प्रक्रिया ठहर गई। जेटली ने 'मेक इन इंडिया' के एक कार्यक्रम में नीतिगत मोर्चे पर शिथिलता के लिए मनमोहन पर हमला बोला था। इस मौके पर अपनी बात कहते हुए जेटली ने कहा 'यदि ईमानदारी से कहा जाए तो वित्त मंत्री के रूप में सुधार शुरू कर मनमोहन ने शानदार काम किया। उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद सुधारों की प्रक्रिया रुक गई।’
जीएसटी पर राजनीति हावी
गौरतलब है कि मनमोहन ने एक साक्षात्कार में नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा था कि सरकार विपक्ष से बात नहीं कर रही और देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए उचित कोशिश नहीं कर रही है। उनके इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए जेटली ने मनमोहन सिंह की नीतियों की आलोचना कर डाली। अपने फेसबुक पोस्ट में जेटली ने कहा था कि यूपीए से एनडीए तक बदलाव को नीतिगत मोर्चे पर विफलता और वैश्विक उम्मीद की किरण के रूप में देखा जा सकता है। जीएसटी विधेयक पर कांग्रेस का रुख़ ‘वास्तविक राजनीति’से प्रभावित है। जेटली ने कहा कि संप्रग कार्यकाल में नीतियां कांग्रेस मुख्यालय 24 अकबर रोड पर बनती थीं, वहीं राजग सरकार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे अंतिम रूप देते हैं।
वित्त मंत्री जेटली ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति यदा कदा बोलते हैं। लेकिन जब वह बोलते हैं तो राष्ट्र उन्हें बड़े ध्यान से सुनता है। वह देश की बुद्धिमता का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनसे उम्मीद की जाती है कि वह बिना पक्षपात के रचनात्मक सलाह देंगे और साथ ही अपने राजनीतिक दल को भी राष्ट्र के व्यापक हित में काम करने का मजबूत संकेत देंगे। मनमोहन सिंह ने कहा था कि सरकार में विश्वास का संकट है और प्रधानमंत्री मोदी को प्रत्येक भारतीय को यह भरोसा देना चाहिए कि वह लोगों के बेहतर जीवनस्तर के लिए चिंता करते हैं। जेटली ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत आर्थिक वृद्धि में अपनी पूरी क्षमता का दोहन करे।