यह ख़बर 23 अगस्त, 2012 को प्रकाशित हुई थी

ममता रिटेल समेत अन्य क्षेत्रों में एफडीआई के विरोध पर कायम

खास बातें

  • यूपीए के प्रमुख घटक दल तृणमूल कांग्रेस ने रिटेल, बीमा और उड्डयन जैसे अहम क्षेत्रों में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश पर विरोध दोहराते हुए कहा कि ऐसा करना जनता के लिए नुकसानदेह होगा।
नई दिल्ली:

यूपीए के प्रमुख घटक दल तृणमूल कांग्रेस ने रिटेल, बीमा और उड्डयन जैसे अहम क्षेत्रों में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) पर अपना विरोध दोहराते हुए कहा कि ऐसा करना जनता के लिए नुकसानदेह होगा।

तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी ने वित्तमंत्री पी चिदंबरम से मुलाकात के बाद कहा, हम खुदरा और इन सभी क्षेत्रों (बीमा आदि) में एफडीआई के पक्ष में नहीं हैं। हम उड्डयन क्षेत्र में भी एफडीआई के पक्ष में नहीं हैं। हम हमेशा से आम आदमी के पक्ष में रहे हैं। उन्होंने कहा, हमने अपने चुनावी घोषणापत्र में जो मुद्दे उठाए थे, उन पर अब भी कायम हैं। पूरी दुनिया के अन्य देश भी यही कह रहे हैं कि अगर खुदरा बाजार में एफडीआई को अनुमति देते हैं, तो उनके मजदूर मर जाएंगे, इसलिए हम इसके पक्ष में नहीं हैं।

गौरतलब है कि तृणमूल के विरोध के चलते सरकार संसद में कई अहम विधेयकों पर आगे नहीं बढ़ सकी है। मल्टी-ब्रांड रिटेल में एफडीआई लाने के फैसले को कैबिनेट की मुहर के बावजूद लागू नहीं किया जा सका।

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सरकार बीमा क्षेत्र में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश की सीमा 26 प्रतिशत से बढ़ाकर 49 प्रतिशत करने पर विचार कर रही है। इसके अलावा वह पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण विधेयक, 2011 को भी पारित कराने के बारे में सोच रही है, जिसमें पेंशन क्षेत्र में एफडीआई का प्रावधान है। विमानन क्षेत्र में सरकार विदेशी एयरलाइंस को अनुमति देने पर विचार कर रही है।