खास बातें
- 30 दिसंबर, 2011 को समाप्त 12 माह की अवधि में बैंकों से गैर खाद्य ऋण का उठाव मात्र 16.1 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 44.99 लाख करोड़ रुपये रहा।
मुंबई: ब्याज दरों में तेजी के दौर में गैर खाद्य वर्ग में ऋण का उठाव घटा है। 30 दिसंबर, 2011 को समाप्त 12 माह की अवधि में बैंकों से गैर खाद्य ऋण का उठाव मात्र 16.1 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 44.99 लाख करोड़ रुपये रहा। भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, 31 दिसंबर, 2010 तक 12 माह में ऋण का उठाव 38.75 लाख करोड़ रुपये रहा था।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऋण में वृद्धि दर कम रहने की वजह ऊंची ब्याज दरों का दौर है। पिछले एक साल से अधिक से महंगाई पर अंकुश के लिए ब्याज दरों को ऊंचा रखा गया है।
मार्च, 2010 के बाद से रिजर्व बैंक महत्वपूर्ण ब्याज दरों में 13 बार कुल 3.5 प्रतिशत की वृद्धि कर चुका है। पिछले साल दिसंबर से महंगाई की दर 9 फीसद से ऊपर बनी हुई है। नवंबर माह में महंगाई की दर 9.11 प्रतिशत थी।
दिसंबर में समाप्त 12 माह में बैंकों की जमा में 16.7 प्रतिशत का इजाफा हुआ है और यह 59.89 लाख करोड़ रुपये रही। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 51.31 लाख करोड़ रुपये का रहा था। वित्त वर्ष 2011-12 की पहली मौद्रिक नीति की समीक्षा में रिजर्व बैंक ने कहा था कि ब्याज दरों में वृद्धि की वजह से ऋण के उठाव की रफ्तार कम होगी।